
मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के शिक्षकों को एक बड़ी खुशखबरी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान ऐलान किया कि प्रदेश के शिक्षकों को अब चौथा क्रमोन्नति वेतनमान मिलेगा।
इस घोषणा से प्रदेश के करीब 1.5 लाख शिक्षक सीधे तौर पर लाभांवित होंगे। ये वे शिक्षक हैं जिन्होंने 35 साल की सेवा पूरी कर ली है, लेकिन अब तक पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया था।
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस फैसले से सरकार पर भले ही 117 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ आएगा, लेकिन हमें इस पर कोई अफसोस नहीं है। यह हमारे लिए संतोष और गर्व की बात है कि हम अपने शिक्षकों को उनका हक दे पा रहे हैं।”
सरकारी स्कूलों की चमक बढ़ी
समारोह के दौरान सीएम मोहन यादव ने सरकारी स्कूलों और शिक्षकों की तारीफ करते हुए कहा कि आज मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षक CBSE और ICSE जैसे राष्ट्रीय बोर्ड्स को भी टक्कर दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों के बच्चों ने हाल के वर्षों में कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जो इस मेहनत का नतीजा है।
शिक्षकों की लंबे समय से थी ये मांग
अब तक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को चौथा वेतनमान मिलता रहा है, लेकिन शिक्षक इससे वंचित थे। कई सालों से इसकी मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस फैसले को जल्द ही कैबिनेट में प्रस्तावित कर लागू किया जाएगा, ताकि योग्य शिक्षकों को समय पर इसका लाभ मिल सके।
मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने कहा

समारोह में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि एक संदेश है कि अगर कोई शिक्षक पूरी लगन से काम करे, तो वह हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को रोशन कर सकता है। उन्होंने कहा, “हमारे शिक्षक ही वो नींव हैं, जिन पर प्रदेश का भविष्य खड़ा है। यह चयन बाकी शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।”