जगदीश धड़कन देश के 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में 11 अगस्त 2022 को शपथ ली थी जिनका कार्यकाल 5 साल का था लेकिन उन्होंने 3 वर्ष में ही अपने स्वास्थ्य का हवाला देकर पद से 21 जुलाई को इस्तीफा दे दिया था जिसकी बाद उन्होंने सरकार से मिलने वाली पेंशन की मांग की थी उन्हें (पूर्व उपराष्ट्रपति, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक) की पेंशन मिलेगी जो हर महीने करीब 2.73 लाख रुपए होंगे

दरअसल उन्होंने पहले 1993 से 1998 तक किशनगढ़ सीट से कांग्रेस के विधायक रहे थे पूर्व विधायक के नाते मिलने वाली पेंशन के लिए उन्होंने राजस्थान विधानसभा सचिवालय में फिर से आवेदन किया था उसके बाद आवेदन पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद से उनकी पेंशन शुरू होगी उन्हें जुलाई 2019 तक पेंशन मिल रही थी। लेकिन जुलाई 2019 में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बनने के बाद पेंशन बंद हो गई थी आई समझते हैं बिस्तर में
सरकारी पद पर पेंशन होती है बंद
दरअसल जब भी कोई पूर्व विधायक अगर किसी भी सरकारी पद पर मनोनीत हो जाते हैं या देश प्रदेश का मंत्री बन जाता हैं तो विधानसभा सचिवालय को इसकी तय फॉर्मेट में सूचना दी जाती है। इसके बाद पेंशन बंद हो जाती है ! सरकारी पद से कार्यकाल पूरा होने के बाद विधानसभा सचिवालय को तय फॉर्मेट में आवेदन कर सूचना देनी होती है। इसके बाद पेंशन फिर शुरू हो जाती है !
विधायक की सैलरी
राजस्थान प्रदेश अब विधायकों को मूल वेतन लगभग 1 लाख 47 हजार रुपए मिल रहे हैं जिसमें
- वेतन के रूप में 40 हजार
- निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 70 हजार
- सहायक कर्मचारी भत्ता 30 हजार
- टेलीफोन भत्ता 2500 रुपए
- कमेटियों में आने का भत्ता 2000
- राज्य से बाहर बैठक भत्ता 2500 रुपए मिलता है.
पूर्व विधायक की पेंशन
दरअसल पूर्व विधायक को 35 हजार रुपए महीना पेंशन मिलती है पर पेंशन हर टर्म के हिसाब से बढ़ती रहती है। पांच साल के बाद जो जितनी बार विधायक रहा है, उसे 5 साल बाद के हर टर्म में प्रतिमाह 1600 रुपए जोड़ते हुए अतिरिक्त पेंशन मिलती है।
- जिसे एक बार विधायक: ₹35,000
- दो बार विधायक: ₹42,000
- तीन बार: ₹50,000
- 70 साल से ऊपर होने पर: 20% अतिरिक्त पेंशन का इजाफा होता है
धनखड़ एक बार विधायक रहे हैं लेकिन उनकी उम्र 75 साल है। ऐसे में उन्हें 20 प्रतिशत ज्यादा पेंशन मिलेगी। उन्हें 35 हजार प्रतिमाह में 20 फीसदी जोड़कर पेंशन
हर महीने करीब 2.73 लाख मिलेंगे

धनखड़ को (पूर्व उपराष्ट्रपति, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक) की पेंशन मिलेगी जो लगभग 2.73 लाख रुपए हो जाएगी
- पूर्व उपराष्ट्रपति के तौर पर करीब 2 लाख रुपए महीने की पेंशन मिलेगी
- पूर्व विधायक के तौर पर 42 हजार रुपए
- पूर्व सांसद के तौर पर 31 हजार रुपए हर महीने की पेंशन मिलेगी
धनखड़ भले ही सक्रिय राजनीति से अलग हो गए हों, लेकिन उन्हें अब तीन अलग-अलग पदों के हिसाब से ₹2.73 लाख प्रतिमाह की पेंशन मिलेगी। यह मामला यह भी दिखाता है कि देश की राजनीति में एक बार पद मिल जाने के बाद उसके प्रभाव लंबे समय तक चलते हैं