इस दिवाली सरकार देगी रेलवे कर्मचारियों को तोहफा ‘ फिर मिलेगा बोनस

अगर आप रेलवे की कर्मचारी हैं तो आपके लिए खुशी की बात है दरअसल केंद्र सरकार ने रेलवे कर्मचारियों को दिवाली के त्योहार मैं तोहफे के तौर पर बोनस देने की घोषणा की है। कैबिनेट मीटिंग में आज यानी 24 सितंबर को रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिन के प्रोडक्टिविटी-लिंक्ड बोनस (PLB) को मंजूरी दी गई है। जिसमें इसके लिए 1,866 करोड़ रुपए का बजट दिया गया है, इसका फायदा डायरेक्ट इस दिवाली 10.91 लाख रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा।

यह बोनस का फायदा कर्मचारियों की 78 दिन की सैलरी के बराबर है, बोनस का महत्व रेल कर्मचारियों को और बेहतर काम करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए है जिससे रेलवे के प्रदर्शन में सुधार होता है आपको बता दें की हर साल की तरह इस बार भी दुर्गा पूजा-दशहरा की छुट्टियों से पहले नॉन गजेटेड रेलवे कर्मचारियों को दिया जाएगा। इस बोनस के तहत हर एक एलिजिबल रेल कर्मचारी को अधिकतम 17,951 रुपए मिलेंगे। यह राशि ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, टेक्नीशियन, टेक्नीशियन हेल्पर, पॉइंट्समैन, मिनिस्टीरियल स्टाफ और अन्य ग्रुप ‘सी’ कर्मचारियों को दी जाएगी।

रेलवे का शानदार प्रदर्शन

सरकार का कहना है कि यह बोनस कर्मचारियों की मेहनत का सम्मान है और रेलवे की तरक्की में उनके योगदान को दर्शाता है। इस फैसले से न केवल कर्मचारियों का हौसला बढ़ेगा, बल्कि रेलवे की सेवाओं को और बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी। वहीं उन्होंने बताया कि साल 2024-25 में भारतीय रेलवे का प्रदर्शन शानदार रहा। रेलवे ने रिकॉर्ड 1614.90 मिलियन टन माल ढोया और करीब 7.3 अरब यानी 730 करोड़ यात्रियों को उनके डेस्टिनेशंस तक पहुंचाया। पिछले साल करीब 11 लाख रेलवे कर्मचारियों को यह बोनस मिला था, जिससे न सिर्फ उनका हौसला बढ़ा, बल्कि त्योहारी सीजन में खरीदारी को भी बढ़ावा मिला था

रेलवे यूनियन की मांग

रेलवे कर्मचारी यूनियनों ने बोनस की राशि बढ़ाने की मांग की थी। उनका कहना है कि अभी बोनस का कैलकुलेशन छठे वेतन आयोग के न्यूनतम वेतन 7,000 रुपए के आधार पर हो रही है, जो अनुचित है। इंडियन रेलवे एम्प्लॉइज फेडरेशन (IREF) के नेशनल जनरल सेक्रेटरी सर्वजीत सिंह ने कहा था, ‘सातवें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम वेतन 18,000 रुपए है, जो 1 जनवरी 2016 से लागू है। फिर भी बोनस पुराने वेतन के आधार पर देना गलत है।’ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन (AIRF) ने भी बोनस की राशि बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि 7,000 रुपए की मंथली लिमिट अब पुरानी पड़ चुकी है और इसे मौजूदा सैलरी स्ट्रक्चर के हिसाब से अपडेट करना जरूरी है। इसके अलावा, यूनियनों ने दशहरा से पहले बोनस देने और 8वें वेतन आयोग के गठन के लिए सरकारी नोटिफिकेशन जारी करने की भी मांग की है

बोनस का बेस दिनों के हिसाब से तय किया जाता है। कैबिनेट हर साल यह तय करती है कि बोनस कितने दिनों के हिसाब से दिया जाएगा। पिछले कई सालों से यह संख्या 78 दिन तय की जा रही है। PLB के कैलकुलेशन के लिए एक मिनिमम सैलरी तय की गई है।फिलहाल सरकार बोनस का कैलकुलेशन छठे वेतन आयोग के न्यूनतम 7,000 रुपए मासिक वेतन के आधार पर करती है। यानी कैलकुलेशन करते समय सभी कर्मचारियों के लिए यही बेसिक वेतन मान लिया जाता है, चाहे उनकी सैलरी उससे ज्यादा हो।

GST बदलाव के बाद भारत मे क्या है Petrol Diesel Price

नवरात्रि के पहले दिन यानी 22 सितंबर से जीएसटी के बदलाव की शुरुआत हो गई है आम जनता को इससे बेहद फायदा प्राप्त होगा कई घरेलू सामानों में टैक्स कम करने की वजह से घर की सामग्रियों की कीमते भी कम हुई है। और इलेक्ट्रिकल सामान जैसे TV और AC के साथ छोटी गाड़ियां की कीमतें भी कम हुई है

लेकिन व्यक्ति के जीवन में रोजमर्रा की सामग्रियों के साथ-साथ पेट्रोल डीजल का भी उतना ही उपयोग किया जाता है आम आदमी प्रतिदिन सफर करता रहता है चाहे वह नौकरी के लिए हो या घर के सामानों के लिए या फिर किसी अन्य कार्य के लिए !

तो इसकी कीमत है का पता लगाना आम व्यक्ति के लिए बेहद जरूरी है की सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की भी कीमत कम हुई है या नहीं दरअसल

पेट्रोल डीजल मे क्या हुआ बदलाव

आपको बता दें कि जब GST लागू किया गया था तो 5 वस्तुओं कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल को इसके दायरे से बाहर रह गए हैं मतलब इन पर जीएसटी का कोई असर नहीं पड़ा है। वित्त मंत्री ने काउंसिल की बैठकों में इस पर चर्चा की थीं लेकिन राज्यों के विरोध की वजह से इसे GST में नहीं लाया जा पा रहा है जिससे इसकी कीमत मैं कोई बदलाव नहीं होगा

इसकी कीमतें सीधे तौर पर आम आदमी की जेब पर असर डालती हैं। जब भी कीमतों में बदलाव होता है तो सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताज़ा कीमतें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए के विनिमय दर में आए उतार-चढ़ाव पर आधारित होती हैं।इन बदलावों का असर हर व्यक्ति की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है

कैसे होता है बदलाव

जब भी देश के पेट्रोल डीजल की कीमत में बदलाव होता है सरकार का प्रत्येक रूप से यह स्पष्ट करती है कि इसकी जानकारी उपभोक्ताओं तक सही और स्पष्ट रूप से पहुंचे सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता को बढ़ावा देती है जिससे उपभोक्ताओं किसी तरह की गलतफहमी न हो। आप किसी दुविधा में न फंसें, इसके लिए सरकार की ओर से रोजाना नए रेट जारी किए जाते हैं ताकि पेट्रोल-डीजल खरीदने से पहले आपको और हमें पता चल जाए कि आज पेट्रोल-डीजल किस रेट पर बिक रहा है।

पेट्रोल और डीज़ल पर  (केंद्र सरकार द्वारा) और (राज्य सरकार द्वारा) वैट लगता है, जो हर राज्य में अलग-अलग होता है। एक प्रदेश के तौर पर बता दे जैसे मध्य प्रदेश में, राज्य सरकार लगभग ₹24.67 प्रति लीटर वैट लगाती है और केंद्र सरकार ₹19.90 प्रति लीटर उत्पाद शुल्क लगाती है, इसके अलावा डीलर कमीशन और अन्य शुल्क भी शामिल होते हैं जो की बदलता रहता है

कीमतें कैसे होती है तय

पेट्रोल डीजल देश के बाहर से आता है इस की कीमतें कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय भाव, टैक्स, डॉलर-रुपया विनिमय दर, ट्रांसपोर्ट लागत, रिफाइनिंग खर्च और सरकारी नीतियों पर निर्भर करती हैं

जिससे इसके भाव में बदलाव होता रहता है। वही मांग और आपूर्ति का संतुलन भी मूल्य निर्धारण में अहम भूमिका निभाता है। बता दें कि मई 2022 के बाद केंद्र की मोदी सरकार और कई राज्य सरकारों ने करों में कटौती की, जिसके परिणामस्वरूप ईंधन की कीमतों में स्थिरता आई

जीएसटी का सबसे बड़ा स्लैब भी 18 फीसदी का है. लग्जरी टैक्स वाली कैटेगरी 40 फीसदी तक सीमित है। लेकिन अभी पेट्रोल-डीजल पर 40 फीसद से ज्यादा का टैक्स देश को मिल जाता है।

कच्चे तेल में तेजी

ब्लूमबर्ग के मुताबिक सोमवार 22 सितंबर को 0.31% की बढ़त के बाद ब्रेंट क्रूड वायदा 66.89 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड भी करीब इतना ही चढ़कर 62.88 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।

क्या होगा आगे

रोजमर्रा में उपयोग करने वाले डीजल का पेट्रोल मैं अभी आम जनता को राहत प्राप्त नहीं है इसमें केंद्र सरकार तैयार थी लेकिन कई राज्य सरकारों ने इसमें सहमति प्राप्त नहीं की लेकिन इसकी कीमतें किसी भी वक़्त प्रदेश और राज्य के हिसाब से बदलती रहती है भारत में जीएसटी काम करने से कई चीजों की कीमत कम हुई है शायद इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि आगे जाकर पेट्रोल और गैस सिलेंडरों की कीमत भी काम हो सकती है क्योंकि दोनों का उपयोग हमारे जीवन में बेहद महत्वपूर्ण रहता है एक हमारे घर के खाना बनाते समय उपयोग करने के लिए बेहद जरूरी है वही पेट्रोल डीजल का भी उपयोग उतना ही महत्वपूर्ण है

जानिए GST 2.0 मे क्या-क्या हुआ बदलाव

अब आम नागरिकों को एक बहुत बड़ी राहत मिलने वाली है दरअसल 22 सितंबर से GST में बदलाव हुआ है जिससे कई रोजमर्रा की वस्तुओं के दामों में गिरावट आई भारत में अब केवल दो स्लैब में जीएसटी लगेगा 5% या 18%। सरकार ने 3 सितंबर को बताया कि टैक्स सिस्टम को आसान बनाने के लिए ऐसा किया है। इससे आम जरूरत की चीजें जैसे पनीर, घी और साबुन-शैंपू के साथ AC, कार भी सस्ते होंगे।

GST काउंसिल की 56वीं मीटिंग में इस पर फैसला लिया गया था। जो 3 सितंबर को हुई थी जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने GST में किए गए बदलाव की जानकारी दी । बताया कि GST के 5%, 12%, 18% और 28% के स्लैब को घटाकर दो कर दिया है। अब सिर्फ 5% और 18% का स्लैब होगा।

  • वहीं कुछ चीजों के टैक्स को बढ़ा दिया गया है जैसे की इसके तंबाकू, पान मसाला, कार्बोनेटेड ड्रिंक और लग्जरी सामान जैसे बड़ी कारें, याट और पर्सनल इस्तेमाल के लिए विमान पर 40% का स्पेशल टैक्स
  • कुछ सामान पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। छेना, पनीर, रोटी, चपाती, पराठा उन में शामिल है अभी तंबाकू को छोड़कर नई दरें सभी सामानों पर 22 सितंबर से लागू हो चुकी है।

GST 2.0 किस-किस पर हुआ बदलाव

  • जब हम घर बनाते हैं तो उसने सीमेंट की उत्पादन ज्यादा आता है  इस पर अभी तक टैक्स 28% लगता था लेकिन सरकार ने इसको भी बदलकर कर 18% कर दिया गया है , जिससे घर बनाने या मरम्मत का खर्च कम होगा।
  • वहीं  TV, AC जैसे इलेक्ट्रिकल सामान पर टैक्स भी काम किया है जहां इस पर अभी तक 28% टैक्स लगता था जो अब घटकर 18% हो गया है। इससे इनके दामों में भी गिरावट रहेगी।
  • सरकार ने स्वास्थ्य जुड़ी महंगी दवाइयां पर भी टैक्स खत्म कर दिया है जिसमें 33 जरूरी दवाइयां शामिल है और खासकर कैंसर और गंभीर बीमारियों की दवाओं पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा ।
  • वही छोटी कारें और 350cc तक की मोटरसाइकिलों पर अब 28% की जगह 18% टैक्स लगेगा जिससे उनकी कीमतों में भी गिरावट रहेगी और ऑटो पार्ट्स और थ्री-व्हीलर पर भी टैक्स 28% से 18% हुआ, जिससे ये सस्ते होंगे।

किन चीजों पर नहीं बदली GST

दरअसल कुछ चीजों पर GST का बदलाव नहीं किया गया है उन पर पहले भी वही टैक्स था और अभी भी !

  • जेसे की ताजा फल-सब्जियां, दूध, खुला आटा, ब्रेड, रोटी, पराठा। ये पहले से ही जीरो रेटेड थे और अब भी वही हैं।
  • 5% स्लैब – इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) जैसे इलेक्ट्रिक कारें। इनपर पहले भी 5% GST था अब भी यही रहेगा।
  • 3% स्लैब – सोना, चांदी, हीरा और महंगे पत्थर। पहले GST 3% था, अब भी 3%। ये एक स्पेशल स्लैब है।
  • 18% स्लैब – ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स जो पहले से 18% में थे जैसे- मोबाइल फोन, लैपटॉप और कंप्यूटर।

GST 2.0 मे क्या-क्या हुआ महंगा

सरकार द्वारा इस GST बदलाव में कुछ चीजों पर टैक्स बढ़ाया है जिससे उनकी कीमतों महंगी हो गई है जैसे शौक के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चीजों पर 40% टैक्स का नया स्लैब बना दिया गया है। इसमें पान मसाला, तम्बाकू जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं लेकिन सिगरेट, तंबाकू उत्पाद (जैसे गुटखा, बीड़ी, पान मसाला) ये अभी भी 28% + कंपनसेशन सेस पर रहेंगे, जब तक कंपनसेशन लोन क्लियर न हो जाएं। बाद में यह 28% से 40% में शिफ्ट होंगे इनकी कीमतों में अभी कोई बदलाव नहीं होगा

इनके अलावा कुछ कार और बाइक्स भी 40% टैक्स के दायरे में आएंगी। हालांकि ये गाड़ियां महंगी नहीं होंगी। पहले इनपर 28% GST के साथ 17% तक सेस लगता था। यानी, कुल टैक्स 45% था, जो घटकर 40% हो गया है।

दुकानदारों के पुराने स्टॉक का क्या होगा

सरकार ने 3 सितंबर को बताया था कि 22 सितंबर से जीएसटी में बदलाव कर दिया जाएगा जिसमें 20 दिन का ही फर्क था लेकिन देश में कई ऐसे दुकानदार व्यापारी हैं जिनके पास पहले से ही सामग्रियों का स्टॉक रखा रहता है तो उसे पर भी सरकार ने साफ संकेत देते हुए कहा है कि कि पुराने स्टॉक पर भले ही MRP ज्यादा हो, लेकिन ये सामान भी नए रेट के हिसाब से ही मिलेंगे। ग्राहकों को घटाई गई GST दरों का फायदा देना होगा।

वहीं, स्वास्थ्य से जुड़े दवाओं के लिए नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने 12 और 13 सितंबर के अपने आदेशों में कहा है कि-दवा बनाने और बेचने वाली सभी कंपनियों को दवाओं, फॉर्मुलेशन और मेडिकल डिवाइसेज की MRP अपडेट करनी होगी।GST बदलाव के बाद रिवाइज प्राइस लिस्ट डीलर, रिटेलर, स्टेट ड्रग कंट्रोलर और सरकार को देना होगा, ताकि कस्टमर्स को दिखाई जा सके।

दुकानदार GST कटौती का फायदा नहीं दिया तो होगी जुर्माना और जेल

अगर दुकानदार GST बदलाव का फायदा ग्राहकों को नहीं देता है तो इसकी शिकायत कर सकते हैं। दोषी दुकानदारों पर जुर्माना या जेल की सजा भी हो सकती है।

  • नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन 1800-11-4000 पर शिकायत कर सकते हैं।
  • CBIC की GST हेल्पलाइन 1800-1200-232 पर भी कॉल कर सकते हैं।

नेशनल एंटी प्रॉफिटियरिंग अथॉरिटी की वेबसाइट पर शिकायत कर सकते हैं।वेबसाइट पर शिकायत में बिल की कॉपी, दुकानदार का नाम, पता देना होगा।

GST 2.0 में होटल बुकिंग, फ्लाइट टिकट, सिनेमा टिकट भी सस्ते होंगे

होटल के कमरों की बुकिंग, ब्यूटी और सेहत से जुड़ी सर्विसेज पर GST 18% से कम करके 5% कर दिया गया है। वहीं 100 रुपए तक की सिनेमा टिकटों पर 5% टैक्स लगेगा, जो पहले 12% था। 100 रुपए से ज्यादा की टिकटों पर 18% GST लगेगा।

  • होटल के कमरों, जिनका किराया 1000 रुपए से कम है वो अब भी टैक्स फ्री रहेंगे।
  • ₹1000 से ₹7500 के होटल रूम पर GST 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
  • प्रीमियम होटल्स, जिनका किराया 7500 रुपए से ज्यादा है उनपर 18% GST लगेगा।

फ्लाइट टिकट

वहीं हवाई यात्रा में इकोनॉमी क्लास सस्ती और बिजनेस क्लास का किराया महंगा होगा। फर्स्ट क्लास में कोई बदलाव नहीं होगा।। इकोनॉमी क्लास पर पहले 12% जीएसटी लगता था। इसे घटाकर 5% कर दिया है। बिजनेस क्लास का GST 12% से बढ़ाकर 18% कर दिया गया है।

आम जनता का होगा फायदा

GST बदलाव से कई घरेलू समान के दाम कम हो जाएंगे जैसे साबुन-शैंपू जैसे डेली इस्तेमाल होने वाले सामान, खाने-पीने की चीजें, के बाद इलेक्ट्रॉनिक सामान और कारें के वी दाम काफी कम हो गए हैं। वही वही लाइफ और हेल्थ इश्योरेंस पर लगने वाले 18% टैक्स को भी 0 कर दिया गया है यह सारी चीज आम व्यक्ति के जीवन से जुड़ी हुई है जिससे इसके बाद बदलाव से आम जनता को बेहद फायदा मिलेगा

सरकार करेगी GST बदलावों के बाद दुकानों पर दाम नहीं किया कम तो कार्रवाई

अगर आप दुकान के संचालक हैं और 22 सितंबर के बाद करते हैं यह गड़बड़ी तो होगा आप का नुकसान दरसल मोदी सरकार ने 22 सितंबर से GST दरों में कटौती का ऐलान किया है। लेकिन सरकार लेकिन सरकार आम आदमी को देखते हुए ऐसे में, दाम कम हुए या नहीं, इसकी भी सख्त निगरानी करेगी ! केंद्र और और राज्य के GST विभाग के फील्ड अफसर बाजार में औचक निरीक्षण करेंगे। वे उन चीजों को खरीदेंगे, जिनके दाम घटाने की घोषणा की गई है। ऐसे में यदि पाया गया कि दुकानदार द्वारा टैक्स कटौती के हिसाब से कीमतें नहीं घटाई गईं, तो दुकानदारों को मिलने वाला टैक्स क्रेडिट ब्लॉक कर दिया जाएगा। दरअसल टैक्स क्रेडिट मतलब ये कि व्यापारी अपने द्वारा खरीदी गई वस्तुओं या सेवाओं पर चुकाए गए GST को अपनी विक्री पर लगने वाले टैक्स से समायोजित नहीं कर पाएगा। दुकानदार जो सरकार को टैक्स देता है उसे उसके बाद टैक्स के रूप में ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा।

सरकार ने साफ कहा है कि वह कंपनियों पर भरोसा करेगी कि वे कम किए गए GST का लाभ आम आदमी तक पहुंचाएं। इसके लिए सरकार तेजी से बहुत कम समय में कंपनियों के टैक्स रिफंड कर रही है। हालांकि सरकार अपने स्तर पर निगरानी कर रही है। उसने सीजीएसटी के सभी प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर को 54 चीजों को सूची भेजी है। उनसे कहा गया है कि वे बाजार में रेट मॉनिटर करें। अगर दो-तीन हफ्ते में ग्राहकों की शिकायतें या खुद के स्तर पर पाया गया कि जीएसटी कट का फायदा आम आदमी को नहीं मिला तो कंपनियों के स्पेशल ऑडिट के ऑर्डर दिए जा सकते हैं।

ऐसे होगी निगरानी

सेंट्रल जीएसटी विभाग न नोटिस जारी किया है जिनके  के अनुसार, जिन वस्तुओं के दाम घटाए गए हैं, ऐसी 54 चीजों की विभाग द्वारा एक सूची बनाई गई है। एक तरह की चीजों को सूची में एक ही जगह रखा गया है। जैसे सभी तरह के सूखे मेवे एक साथ रखे गए हैं। इसी तरह सभी तरह की स्टेशनरी बुक्स एक ही जगह रखी गई हैं। विचार यह है कि ये वस्तुएं एक ही जगह पर मिल जाएंगी। किचन के सारे बर्तन, प्रसाधन और घरेलू कामकाज की वस्तुएं एक ही जगह रखी गई हैं। विभाग के अधिकारियों को इन 54 उत्पादों की सूची सौंपी गई है। उनसे कहा गया है कि वे सभी वस्तुओं के मौजूदा दाम बाजार जाकर पता कर लें। 22 के बाद उन्हें दूसरी टेवल में कटौती के बाद के दाम अंकित करना है। यह सूची हर शहर-कस्बे में बनेगी। जहां दाम नहीं घटे पाए गए, उन दुकानदारों के खिलाफ विभाग उचित कार्रवाई करेगा।

GST से रोजमर्रा के सामान सस्ते होंगे, वित्त-मंत्री बोलीं आम लोगों के पास इस GST से ज्यादा पैसा बचेगा

नवरात्रि के पहले दिन यानी 22 सितंबर से लागू होने वाली GST पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विशाखापट्टनम में ‘नेक्स्ट जेन GST रिफॉर्म्स’ पर आयोजित एक इवेंट में कहा कि (GST) में किए गए सुधारों से देश के आम लोगों को बेहद फायदा प्राप्त होगा और भारत की इकोनॉमी में कम से कम 2 लाख करोड़ रुपए का योगदान होगा जिस वजह से देश की आम जनता के पास पैसे की बचत ज्यादा होगी !

दरअसल केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार को विशाखापट्टनम में ‘नेक्स्ट जेन GST रिफॉर्म्स’ पर आयोजित एक इवेंट में उपस्थित थीं जहां उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि GST दरों में कटौती से देशवासियों को 2 लाख करोड़ रुपए की बचत होगी। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा कदम है और आम जनता के लिए एक तोहफा।

GST 12% वाले 99% सामान अब 5% टैक्स स्लैब में

वित्त मंत्री ने बताया कि यह बदलाव गरीबी कम करने में मदद करेंगे और 22 सितंबर के बाद मिडिल क्लास परिवार के लिए बहुत फायदेमंद तोहफा बनेगा जो कि

  • GST के 12% स्लैब में शामिल 99% सामान अब 5% टैक्स दायरे में आ गए हैं ।
  • साथ ही 28% टैक्स स्लैब वाले 90% सामान अब 18% के दायरे में हैं।

GST से रेवेन्यू में बढ़ोतरी

2025 से GST लागू होने के बाद अब तक इसका रेवेन्यू बढ़कर 22.08 लाख करोड़ रुपए हो गया है ! वित्त मंत्री ने बताया है की इसके अलावा GST टैक्सपेयर्स की संख्या भी 65 लाख से बढ़कर 1.51 करोड़ हो गई है। यह दर्शाता है कि GST ने न केवल रेवेन्यू बढ़ाया, बल्कि टैक्सपेयर्स का आधार भी मजबूत किया है ।

GST मिडिल क्लास परिवार के लिए तोहफा

आम जनता के लिए फायदे वाली महत्व यह रहेगा की इससे जरूरत की चीजें जैसे साबुन, शैंपू के साथ AC, कार जैसी और भी चीज के भाव सस्ते होंगे। क्यों कि अब GST के 4 की जगह केवल दो स्लैब होगे 5% और 18% GST काउंसिल की 56वीं मीटिंग में इस पर फैसला लिया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 सितंबर को इसकी जानकारी सार्वजनिक तौर पर साझा की।

सीतारमण ने बताया था कि स्वास्थ्य और सेवा से जुड़ी हुई चीजों को टैक्स फ्री कर दिया जाएगा जैसे की

  • दूध, रोटी, पराठा, छेना समेत कई फूड आइटम GST फ्री होंगे।
  • वहीं इंडिविजुअल हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर भी टैक्स नहीं लगेगा।
  • 33 जीवन रक्षक दवाएं, दुर्लभ बीमारियों और गंभीर बीमारियों के लिए दवाएं भी टैक्स फ्री रहेगी

GST का दर कहां बढ़ाया उसे पर भी उन्हें चर्चा की सीतारमन ने कहा लग्जरी आइटम्स और तंबाकू प्रोडक्ट्स पर अब 28% की जगह 40% GST लगेगा। जिसमें मध्यम और बड़ी कारें, 350cc से ज्यादा इंजन वाली मोटरसाइकिलें इस स्लैब में आएंगे

22 सितंबर से लागू होंगी GST की नई दरें

वित्त मंत्री ने बताया था कि नए स्लैब नवरात्रि के पहले दिन, यानी 22 सितंबर से लागू हो जाएंगे। हालांकि, तंबाकू वाले सामान पर नई 40% GST दर अभी लागू नहीं होगी।

इन बदलावों का मकसद आम आदमी को राहत देना, छोटे व्यवसायों को सपोर्ट करना और हानिकारक उत्पादों जैसे तंबाकू पर टैक्स बढ़ाकर उनके उपयोग को कम करना है।

सीतारमण ने यह भी दावा किया कि GST सुधारों से मिलने वाला लाभ देश में कई इंडस्ट्री को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि यानी इंसेंटिव अमाउंट से 10 गुना ज्यादा है।

दो चीज देखकर खरीदें सोना यही है मौका चांदी की भी बढ़ेगी कीमत

साल की शुरुआत में सोने का दाम बेहद आम हो गया था लेकिन अब इसमें बढ़ोतरी देखते हुए आम आदमियों को पसीना आने लगा है दरसन कुछ समय से सोने का भाव दिन प्रतिदिन बढ़ता हुआ जा रहा है इसी हफ्ते में सोने का भाव बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 3,030 रुपए बढ़कर 1,02,388 रुपए पर पहुंच गया। पिछले हफ्ते के आखिरी दिन (शुक्रवार, 22 अगस्त) यह 99,358 रुपए पर था 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए आ गया था और लोगों ने इस समय शादी और विवाह के कार्यक्रमों में बेहद खुशियां बटोरी लेकिन अब अब सोना 1,02,388 रुपए का हो गया है जो आम आदमियों के पसीने निकल रहा है

ऐसे में माना जा रहा है कि इस साल सोना 1 लाख 4 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है क्योंकि अमेरिका के टैरिफ के चलते जियो पॉलिटिकल टेंशन बनी हुई है। इससे गोल्ड को सपोर्ट मिल रहा है और इसकी डिमांड भी बढ़ रही है।

चांदी भी महंगी

चांदी का भाव भी इस दौरान 31,555 रुपए (36.68%) बढ़ गया है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जो अब 1,17,572 रुपए प्रति किलो हो गई है

एक्सपर्ट द्वारा माना जा रहा है कि 2025 के आखिर तक एक किलो चांदी की कीमत 1.30 लाख रुपए तक पहुंच सकती है। मनीकंट्रोल अनुमान है कि चांदी में 34% की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे कीमत ₹1,46,000 प्रति किलोग्राम तक जा सकती है।यह अनुमान गोल्ड-सिल्वर रेश्यो के सामान्य स्तर (60:1) पर आधारित है। वहीं, सिटीग्रुप की रिपोर्ट में कहा गया है कि चांदी की कीमत ₹1,20,000 से ₹1,30,000 प्रति किलोग्राम के बराबर हो सकता है।

यह दो चीज देखकर खरीदे सोना

  • नए नियम के तहत एक अप्रैल से छह डिजिट वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्किंग के बिना सोना नहीं बिकेगा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें जैसे आधार कार्ड पर 12 अंकों का कोड होता है, उसी तरह से सोने पर 6 अंकों का हॉलमार्क कोड होगा। इसे हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी HUID कहते हैं।
  • सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। 24 कैरेट सोने को सबसे शुद्ध सोना माना गया है, लेकिन इसकी ज्वेलरी नहीं बनती, क्योंकि वो बेहद मुलायम होता है। आमतौर पर ज्वेलरी के लिए 22 कैरेट या इससे कम कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है।

वही आप चाहे तो अभी सोना या चांदी खरीदना चाहते हैं तो खरीद सकते हैं क्योंकि इसके असर साल के आखिरी तक बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं वहीं अमेरिका की तरफ से लगा हुआ टैरिफ है जो इसकी कीमत में दिन प्रतिदिन बढ़ोतरी कर रही है

मारुति E Vitara को प्रधानमंत्री ने दिखाई हरी झंडी जानिए कीमत

मारुति ने 26 अगस्त को अपनी पहली इलेक्ट्रिकल कर को लॉन्च किया जिसका नाम e vitara है गुजरात के हांसलपुर से इसको जापान , न्यू यॉर्क , यूरोप जिसे 100 से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाई है

मारुति की e vitara कार में 49kWh और 61kWh के दो बैटरी पैक ऑप्शन मिलेंगे। कंपनी का दावा है कि कार एक बार फुल चार्ज करने पर 500 किलोमीटर से ज्यादा चलेगी। इलेक्ट्रिक SUV का प्रोडक्शन फरवरी-2025 से सुजुकी मोटर गुजरात प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट में हो चुका है।

क्या रहेगी कीमत / e vitara price

आपको बता दें कि अभि इनकी कीमत पूर्ण रूप से निर्धारित नहीं की गई है लेकिन कंपनी के द्वारा दिए गए कार्य से इसकी कीमतों का अंदाजा लगाया जा सकता है

  • मारुति ई विटारा के 49kWh बैटरी पैक वाले बेस मॉडल की कीमत 20 लाख रुपए (एक्स-शोरूम) रखी जा सकती है।
  • वहीं, हाई पावर वाली मोटर के साथ 61kWh बैटरी पैक वाले मॉडल की कीमत 25 लाख रुपए (एक्स-शोरूम) हो सकती है।
  • इसके अलावा ऑल व्हील ड्राइव (AWD) वर्जन की कीमत 30 लाख रुपए (एक्स-शोरूम) रखी जा सकती है।

वही माना जा रहा है कि भारतीय बाजार में ई विटारा इलेक्ट्रिक SUV का मुकाबला MG ZS EV, टाटा कर्व EV और हुंडई क्रेटा EV और महिंद्रा BE 6 जैसी गाड़ियों से रहेगा ।

क्या बोले प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज मेक इन इंडिया में नया अध्याय जुड़ा है। अब विदेशों में चलने वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर भी मेड इन इंडिया लिखा होगा। भारत को डेमोग्राफिक एडवांटेज है। हमारे पास स्किल वर्कफोर्स का बड़ा पूल है। जो हमारे हर पार्टनर के लिए विन-विन सिचुएशन बनाता है।

पैसा किसी का भी लगे मुझे इससे कोई लेना देना नहीं है। वो चाहे डॉलर हो या पॉन्ड हो या और करेंसी हो। लेकिन इससे जो प्रोडक्शन हो उसमें पसीना मेरे देशवासियों का होगा। जो प्रोडक्शन होगा उसमें महक मेरे देश की मिट्टी की होगी।

जापान की सुजुकी कंपनी भारत में मैनुफैक्चरिंग कर रही है। जो गाड़ियां बन रही हैं वो वापस जापान को एक्पपोर्ट की जा रही हैं। एक तरह से मारुति सुजुकी कंपनी मेक इन इंडिया की ब्रांड एम्बेसडर बन चुकी है।

आज पूरी दुनिया, भारत की ओर देख रही है। ऐसे समय में कोई भी राज्य पीछे नहीं रहना चाहिए। हर राज्य को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। हिंदुस्तान आने वाले निवेशकों को इतना कन्फ्यूजन होना चाहिए कि वे सोचें, मैं इस राज्य में जाऊं या उस राज्य में। उन्होंने कहा मैं सभी राज्यों को निमंत्रण देता हूं, आइए, रिफॉर्म की स्पर्धा करें, प्रो-डेवलपमेंट पॉलिसी की स्पर्धा करें और गुड गर्वनेस की स्पर्धा करें। गर्व से स्वदेशी की ओर बढ़ चलें। मुझे आपका साथ चाहिए दोस्तों, 2047 तक हम विकसित भारत बनाकर रहेंगे।

Vikram Solar का शेयर निवेशकों को दे रहा सुनहरा मौका जानें आगे की बड़ी चाल

भारत में ग्रीन एनर्जी और सोलर पावर को लेकर मोदी सरकार लगातार प्रोत्साहन दे रही है इसी के बीच में भारतीय सोलर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Vikram Solar ने आज शेयर बाजार में दस्तक दी है ! कहां जा रहा है कि सरकार से कंपनी के पास मजबूत ऑर्डर बुक और उत्पादन क्षमता है, जो आने वाले वर्षों में इसकी ग्रोथ को सहारा दे सकती है।

बाकी इसकी लिस्टिंग को लेकर निवेशकों के बीच जबरदस्त उत्सुकता देखने को मिली। हालांकि शुरुआती प्रीमियम बहुत ज्यादा नहीं रहा, लेकिन कुछ ही घंटों में Vikram Solar Share price ने दम दिखाते हुए मजबूत बढ़त हासिल की है ।

कंपनी का शेयर BSE पर ₹340 और NSE पर ₹338 पर लिस्ट हुआ। यह कीमत कंपनी के IPO प्राइस ₹332 से महज 1.8 से 2.4 फीसदी ऊपर थी। देखने में भले ही यह प्रीमियम थोड़ा कमजोर लगे, लेकिन लिस्टिंग के कुछ ही समय बाद शेयर ने रफ्तार पकड़ ली और लगभग 9.2 फीसदी उछल गया। कुल मिलाकर, Vikram Solar का शेयर अपने इश्यू प्राइस से लगभग 12 फीसदी ऊपर ट्रेड करता दिखा।

IPO का रिस्पॉन्स

Vikram Solar का IPO निवेशकों के बीच काफी चर्चा में रहा। कंपनी ने ₹2,079.37 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा था। इसमें से ₹1,500 करोड़ फ्रेश इश्यू और ₹579.37 करोड़ ऑफर फॉर सेल के जरिए आया। IPO के दौरान निवेशकों का उत्साह इतना ज्यादा था कि यह इश्यू 54.63 गुना सब्सक्राइब हुआ।

  • बड़े संस्थागत निवेशकों (QIB) ने 142.79 गुना बोली लगाई।
  • हाई नेटवर्थ निवेशकों (NII) का रिस्पॉन्स करीब 50 गुना रहा।
  • रिटेल निवेशक भी पीछे नहीं रहे और उन्होंने इसे लगभग 7.65 गुना सब्सक्राइब किया।

इन आंकड़ों से साफ है कि Vikram Solar में निवेशकों की दिलचस्पी बेहद मजबूत रही है।

₹2000 करोड़ का SBI लोन घोटाला! अनिल अंबानी के ठिकानों पर CBI की छापेमारी”

देश के मशहूर उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के छोटे भाई अनिल अंबानी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। 23 अगस्त केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उनके घर और Reliance Communications (RCOM) से जुड़े कई दफ्तरों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई सीधे तौर पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शिकायत पर आधारित है, जिसमें अब CBI ने FIR भी दर्ज कर ली है। अनिल अंबानी और उनकी कंपनी पर लगभग ₹2,929 करोड़ बैंक फ्रॉड का आरोप लगाया गया है।

इससे पहले 23 जुलाई को (ED) ने भी अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों पर शिकंजा काश था 23 जुलाई 2025 को ही ED ने अनिल अंबानी के सहयोगियों और कंपनियों के 35 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। अब CBI का यह एक्शन जांच को और गंभीर बना देता है।

किन धाराओं पर FIR?

CBI ने इस मामले में अनिल अंबानी और उनकी कंपनी Reliance Communications (RCOM) के खिलाफ आपराधिक साजिश (IPC 120B), धोखाधड़ी (IPC 420) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत FIR दर्ज की है।

  • SBI से लिए गए कर्ज का गलत इस्तेमाल किया गया।
  • बड़ी रकम का बिजनेस में वास्तविक उपयोग नहीं हुआ।
  • कर्ज लौटाने से जानबूझकर बचा गया जिससे बैंक को भारी नुकसान हुआ।

SBI ने लगाया फ्रॉड का ठप्पा

सरकारी बैंक (SBI) ने 13 जून 2025 को रिलायंस कम्युनिकेशंस और अनिल अंबानी को फ्रॉड (Fraud Account) घोषित किया था। संसद में पेश डाटा के अनुसार, बैंक का कुल एक्सपोज़र लगभग ₹3,073 करोड़ है। इसमें करीब ₹2,227 करोड़ की मूल राशि और ₹786 करोड़ की बैंक गारंटी शामिल है। चूंकि यह लोन लंबे समय से डिफॉल्ट में था और इसके उपयोग में गड़बड़ियां पाई गईं, इसलिए बैंक ने सीधे CBI को केस सौंपा।
इसी आधार पर CBI ने FIR दर्ज की और 23 अगस्त की सुबह अनिल अंबानी के आवास व कार्यालयों पर CBI Raids शुरू हुईं। इस दौरान उनके परिवार के सदस्य भी घर पर मौजूद थे।

1983 में रिलायंस से जुड़े थे Anil ambani

जून 2005 मे मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी के बीच बंटवारे हुआ , लेकिन किस भाई को कौन सी कंपनी मिलेगी इसका फैसला 2006 तक चला

मुकेश अंबानी 1981 और अनिल अंबानी 1983 में रिलायंस से जुड़े थे। जुलाई 2002 में धीरूभाई अंबानी का निधन हो गया। वो वसीयत लिख कर नहीं गए थे। मुकेश अंबानी रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन और अनिल अंबानी मैनेजिंग डायरेक्टर बने। नवंबर 2004 में पहली बार दोनों भाइयों का झगड़ा सामने आया था। परिवार में चल रहे इस विवाद से धीरूभाई अंबानी की पत्नी कोकिलाबेन परेशान थीं, जिसके बाद कोकिलाबेन ने बिजनेस का बंटवारा किया गया था।

मुकेश अंबानी के हिस्से में

बंटवारे के बाद मुकेश अंबानी के हिस्से में पेट्रोकेमिकल्स के कारोबार, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडियन पेट्रोल कैमिकल्स कॉर्प लिमिटेड, रिलायंस पेट्रोलियम, रिलायंस इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड जैसी कंपनियां आईं।

अनिल अंबानी के हिस्से में

छोटे भाई अनिल के पास आरकॉम, रिलायंस कैपिटल, रिलायंस एनर्जी, रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज जैसी कंपनियां थीं। इसके बाद मुकेश की लीडरशिप वाली कंपनियां लगातार ग्रो कर रही हैं, जबकि अनिल के हिस्से आई कंपनियों की हालत खराब होती गई और भी कई अधिक कर्ज में डूबते हुए चले गए !

23 अगस्त 2025 को हुई यह CBI Raid on Anil Ambani सिर्फ एक छापेमारी भर नहीं है, बल्कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर को झकझोर देने वाला मामला है। ₹2,929 करोड़ SBI Loan Fraud Case और ₹17,000 करोड़ ED Probe दोनों मिलकर अब देश की बड़ी कॉर्पोरेट धोखाधड़ी जांचों में से एक बन गए हैं। जहां SBI ने साफ शब्दों में अनिल अंबानी और उनकी कंपनी को फ्रॉड अकाउंट घोषित किया, वहीं CBI और ED की यह संयुक्त कार्रवाई दिखाती है कि भारतीय एजेंसियां अब बड़े उद्योगपतियों के खिलाफ भी सख्ती बरतने में पीछे नहीं हटेंगी।