सरकार का वह नंबर जिससे किसानों की समस्या होगी हाल

देश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में किसानों के हित में एक अहम कदम उठाते हुए पहले से संचालित किसान कॉल सेंटर हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1551 को और अधिक प्रभावी बनाने की घोषणा की है। इस टोल-फ्री नंबर का उद्देश्य किसानों की समस्याओं का तुरंत समाधान करना और उन्हें सही मार्गदर्शन देना है।

आपको बता दे की कई व्यापारी द्वारा नकली बीज खाद एवं कीटनाशक बेचने से किसानों की फसलें जड़ से ही नष्ट हो रही है इसके कारण किसानों को बेहद नुकसान उठाना पड़ रहा है ! एक आयोजित कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार नकली बीज, खाद और कीटनाशक बेचने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि अगर उन्हें कहीं भी ऐसी शिकायत मिले तो तुरंत इस हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1551 पर कॉल कर इसकी सूचना दें।चौहान ने चेतावनी भरे लहजे में कहा,“बेईमानों को मैं किसी भी हालत में छोड़ूंगा नहीं। किसान भाइयों को अब लुटने नहीं दिया जाएगा।”इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि बीज और खाद बनाने वाली कंपनियां अगर किसानों के साथ धोखा करती है तो उनके सरकार द्वारा लाइसेंस पर रोक लगा दी जाएगी, ताकि किसानों को केवल प्रमाणित और गुणवत्ता युक्त इनपुट्स ही मिलें।

दरअसल भारत की आधी से ज्यादा आबादी आज भी कृषि पर निर्भर है। ऐसे में नकली बीज, उर्वरक और कीटनाशक किसानों की मेहनत पर पानी फेर देते हैं। शिवराज सिंह चौहान का यह कदम न केवल किसानों को सुरक्षित करेगा, बल्कि उन्हें यह भरोसा भी देगा कि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

किसानों के लिए भरोसेमंद हेल्पलाइन

किसान कॉल सेंटर (Kisan Call Centre) की शुरुआत भारत सरकार ने वर्ष 2004 में की थी। इसका मकसद था कि देशभर के किसान अपने गांव से ही फोन के माध्यम से कृषि से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त कर सकें। इस हेल्पलाइन की खासियत यह है कि किसान सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक किसी भी समय कॉल कर सकते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि यह सेवा 22 स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे किसान अपनी मातृभाषा में समस्या बता सकें और समाधान प्राप्त कर सकें। यदि सवाल जटिल होता है, तो किसान को सीधे विशेषज्ञ वैज्ञानिकों और ICAR के Subject Matter Specialists से जोड़ दिया जाता है।

नंबर का उपयोग

  • बहुभाषी सेवा – 22 भाषाओं में जानकारी मिलती है
  • कृषि से जुड़ा हर समाधान – खेती, मौसम, पशुपालन, मंडी भाव, सरकारी योजनाएँ
  • विशेषज्ञों से सीधा संपर्क – गंभीर सवाल पर तुरंत विशेषज्ञ जोड़ दिए जाते हैं
  • समयबद्ध सहायता – सुबह 6 से रात 10 बजे तक सक्रिय सेवा।

हो रहा है फायदा

शिवराज सिंह चौहान के इस नंबर को फिर से प्रभावित करने के बाद किसानों की समस्या आना शुरू हो गई है और उन्हें हल करने के लिए भी चौहान कड़े निर्देश दे रहे हैं

कृषि कल्याण विभाग मंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यालय के x हैंडल पर पोस्ट करते हुए बताया कि

माननीय केंद्रीय मंत्री श्री @ChouhanShivraj जी ने आज नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के विभिन्न पोर्टल और कॉल सेंटर पर आने वाली किसानों की शिकायतों की समीक्षा की।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री जी ने किसानों की शिकायतों के सही निदान के तरीके और व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अधिकारियों से पी.एम. किसान पोर्टल, किसान ई-मित्र, किसान कॉल सेंटर सहित विभिन्न प्लेटफार्म के जरिए मिल रही किसानों की समस्याओं की पूरी जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में केंद्रीय मंत्री जी ने कहा कि किसानों की जो भी समस्याएं विभिन्न पोर्टल्स के माध्यम से प्राप्त हो रही हैं, उनका उचित निराकरण समय पर करने की व्यवस्था होना चाहिए।

युवाओं के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की बंपर भर्ती

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने युवाओं के लिए बड़ी घोषणा की है

15 अगस्त के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव राज्यस्तरीय पुलिस अलंकरण समारोह में सम्मिलित हुए इस अवसर पर पदक प्राप्त करें वाले अधिकारी और कर्मचारियों का सम्मान समारोह रखा गया था वही उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस के रिक्त पड़े पदों को भरने की घोषणा की

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा की मुझे ध्यान दिलाया गया की इस वर्ष हमने 7,500 रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति दी है और अभी पुलिस के करीब 22 हजार 500 पदों पर भर्ती होनी है इसलिए अब हम हर एक साल मे 7,500-7,500 पदों पर भर्ती कर तीन साल में पुलिस विभाग के सभी रिक्त पद भर दिए जाएंगे।

किया जाएगा पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जल्द से जल्द पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन के लिये पुलिस मुख्यालय को निर्देश दिए हैं रिक्त पद की भर्ती ( पुलिस भर्ती बोर्ड ) से की जाएगी. इस निर्देश से कर्मचारी चयन मंडल के कारण पुलिस मुख्यालय को भर्ती करने में आने वाली दिक्कत भी खत्म होगी

इसको सुरक्षा की दृष्टि से भी गठन किया जाएगा क्योंकि पुलिस भर्ती बोर्ड बनने से पुलिस की पूरी नजर रहेगी और सभी मापदंडों का पालन करने से भर्ती की जाएगी. बोर्ड के गठन से भर्ती में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होगी.

विशेष भत्ता की भी घोषणा

मुख्यमंत्री ने VIP मूवमेंट में लगे कर्मचारियों को छठवें वेतमान के तहत विशेष भत्ता और जोखिम भत्ता नहीं मिलने का जिक्र करते हुए कहा कि मैं घोषणा करता हूं कि कर्मचारियों को छठवे वेतमान का विशेष भत्ता और जोखिम भत्ता दिया जाए।

65 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों का सम्मान

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 65 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को पदक देकर सम्मानित किया गया

  • 12 पुलिस अधिकारियों को वीरता के लिए
  • 8 पुलिस अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए
  • 32 पुलिस अधिकारियों को सराहनीय सेवा के लिए
  • 5 जेल पुलिस अधिकारियों को सराहनीय सेवा के लिए
  • 8 अधिकारियों को नगर सेवा एवं नगर सुरक्षा के लिए

3.5 करोड़ युवाओं को मिलेगा रोजगार शुरू हुई PM Viksit Bharat Rozgar Yojana

आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश को संबोधित किया और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की ओर देश के युवाओं कि भविष्य की चिंता करते हुए रोजगार योजना PM Viksit Bharat Rozgar Yojana का शुभारंभ किया

क्या है Pm Viksit Bharat Rozgar Yojana ( प्रधानमंत्री विकसित भारत योजना )

प्रधानमंत्री ने बताया है कि इस योजना के लिए एक लाख करोड रुपए का प्रावधान किया गया है इससे लगभग 3.5 करोड़ युवाओं को मौका मिलेगा इसके तहत प्राइवेट सेक्टर में पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को ₹15 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी वही नई नौकरियां देने वाली कंपनियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा

यह योजना ऐसे समय में लाई गई है जब देश में युवाओं के बीच बेरोज़गारी एक गंभीर मुद्दा बनी हुई है, खासकर तब जब GDP तो बढ़ रही है, लेकिन नौकरियों की संख्या उतनी तेज़ी से नहीं बढ़ रही।

योजना का उद्देश्य

इस योजना का उद्देश्य युवाओं को औपचारिक क्षेत्र में नौकरी करने के लिए प्रोत्साहित करना है, साथ ही उन्हें Employees’ Provident Fund (EPF) जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना और कंपनियों को नए कर्मचारियों की भर्ती के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

यह स्कीम विशेष रूप से पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं और छोटे-बड़े उद्यमों को लाभ पहुंचाने के लिए तैयार की गई है।इसके तहत केंद्र सरकार ने ₹99,446 करोड़ का बजट निर्धारित किया है। योजना की समयावधि 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक होगी, जिसके दौरान सरकार का लक्ष्य है कि देशभर में लगभग 3.5 करोड़ नए रोजगार उत्पन्न किए जाएं।

युवाओं को क्या रहेगा फायदा

जो युवा पहली बार EPFO में पंजीकृत होकर नौकरी शुरु करेंगे और जिनकी मासिक सैलरी ₹1 लाख से कम होगी, उन्हें सरकार की ओर से ₹15,000 तक का एक मुश्त लाभ मिलेगा।

यह लाभ दो किश्तों में मिलेगा

  • पहली किश्तः 6 महीने की निरंतर सेवा के बाद दूसरी किश्तः 12 महीने की सेवा और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद
  • दूसरी किश्त का एक हिस्सा एक निश्चित बचत योजना में रखा जाएगा ताकि कर्मचारी के दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा को भी सुनिश्चित किया जा सके।

कंपनियों को कैसे रहेगा फायदा

कंपनियों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को नौकरी पर रखने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से सरकार ने नियोक्ताओं को हर नए कर्मचारी के लिए ₹3,000 प्रति माह तक का प्रोत्साहन देने का प्रावधान रखा है।

विशेष रूप से manufacturing sector / विनिर्माण क्षेत्र के नियोक्ताओं को यह प्रोत्साहन 4 साल तक मिलेगा, जबकि अन्य सेक्टर्स को यह सुविधा 2 साल तक ही दी जाएगी ये प्रोत्साहन उन्हें तभी मिलेगा जब नया कर्मचारी कम से कम 6 महीने तक लगातार नौकरी पर बना रहेगा।

नियुक्ति की शर्तें:

  • जिन फर्म में 50 से कम कर्मचारी हैं, उन्हें लगभग 2 नए लोगों की भर्ती करनी होगी।
  • और जिन फर्म में 50 या उससे ज़्यादा कर्मचारी हैं, उन्हें कम से कम 5 नए कर्मचारियों को नियुक्त करना होगा।

क्या है Employees’ Provident Fund Organisation

(EPFO) भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करने वाला एक सांविधिक निकाय है, जिसकी स्थापना 1952 में EPF & MP Act, 1952 के तहत की गई थी।

EPFO के तहत कर्मचारियों की सैलरी का एक निर्धारित हिस्सा, आमतौर पर 12%, उनके PF खाते में जमा किया जाता है, और उतना ही योगदान उनके नियोक्ता द्वारा भी किया जाता है।

इसके अलावा, EPFO द्वारा जारी किया गया Universal Account Number (UAN) कर्मचारियों को एक पोर्टेबल अकाउंट की सुविधा देता है, जिससे वे नौकरी बदलने के बावजूद अपने PF खाते को बनाए रख सकते हैं और उसका संचालन कर सकते हैं।

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प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को इस रोजगार योजना की घोषणा की है लेकिन इसके प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना आवेदन पत्र के लिए अभी कोई पोर्टल सार्वजनिक नहीं किया गया है जैसे ही कोई जानकारी प्राप्त होती है तो आप तक पहुंचा दी जाएगी

मध्य प्रदेश में 100 डायल की जगह 112 का शुभारंभ

मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश में अपराधों पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा परिवर्तन किया है जिसकी सुविधा 15 अगस्त के बाद प्रदेश के लोगों को नजर आएगी

उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब मध्य प्रदेश में भी पुलिस आपातकालीन सेवा ‘डायल 112 / Dial 112 की शुरुआत कर दी गई है। यह सेवा अब राज्य में पुराने ‘डायल 100’ की जगह लेगी और जनता को और अधिक तेज़, प्रभावी व तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगी।इस योजना की शुरुआत आज राजधानी भोपाल में Dr Mohan Yadav / मुख्यमंत्री मोहन यादव और पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना द्वारा की गई

डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया कि यह योजना पुलिस विभाग की अब तक की सबसे बड़ी पंचवर्षीय योजना है, जिसकी कुल लागत ₹972 करोड़ है।इस योजना के अंतर्गत पुलिस बल को 1200 नई गाड़ियां दी जाएंगी, जिनमें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस Scorpio N और Bolero Neo जैसे वाहन शामिल हैं।

मध्य प्रदेश की आम जनता के लिए केंद्रीकृत, राज्य-स्तरीय पुलिस आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली मदद पाने का सबसे लोकप्रिय नंबर ‘डायल 100’ अब इतिहास बनने जा रहा है। इसकी जगह अब प्रदेश में डायल 112 का उपयोग किया जाएगा।‘डायल 100’ नंबर का उपयोग अब तक पुलिस सहायता के लिए किया जाता था, लेकिन सरकार द्वारा शुरू की गई योजना के तहत अब नागरिकों को किसी भी प्रकार की आपात स्थिति – जैसे पुलिस, एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड – में केवल एक ही नंबर 112 डायल का उपयोग कर सकते हैं।यह नई व्यवस्था लोगों को तेजी से मदद दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई है, जिससे अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग-अलग नंबर याद रखने की जरूरत नहीं रहेगी। 112 नंबर पर कॉल करने से उपयुक्त सेवा तुरंत सक्रिय की जाएगी और संबंधित विभाग को सूचना भेज दी जाएगी।

डायल 100 की अब तक की प्रमुख उपलब्धियाँ:

  • 2 लाख 23 हजार बुजुर्गों को सहायता की
  • 19 लाख लाख 71 हजार महिलाओं की सुरक्षा की
  • 1300 नवजात शिशु की जिंदगी सुरक्षित की
  • 23 हजार गुमशुदा बच्चों को उनके परिवार से मिलवाया

डायल 112 में क्या रहेंगे सुविधा

  • GPS और वायरलेस सिस्टम से लैस रहेगी
  • डिजिटल नेविगेशन , लाइव लोकेशन , टेक्निकल डिवाइस रहेंगे
  • पुलिस की वर्दी में लगे होंगे कैमरे

LPG cylinder सब्सिडी के लिए 12 हजार करोड़ मंजूर

महिलाओं को कोयला और लकड़ी के धुएं से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान से बचाने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत 2025 तक देशभर में लगभग 10.33 करोड़ मुफ्त LPG कनेक्शन वितरित किए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराना था। इससे पहले देश के कई हिस्सों में महिलाएं खाना पकाने के लिए पारंपरिक ईंधन जैसे लकड़ी, कोयला और उपलों पर निर्भर थीं, जिससे न केवल उनका स्वास्थ्य प्रभावित होता था, बल्कि पर्यावरण पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता था।

योजना ने भले ही करोड़ों महिलाओं के लिए वरदान साबित हुई हो, लेकिन इससे LPG कंपनियों को करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हो रहा है

योजना से करोड़ों का नुकसान

आपको बता दें कि इंटरनेशनल मार्केट में महंगी LPG से कंपनियों को नुकसान हो रहा है

भारत में घरेलू एलपीजी सिलेंडर , Indian oil corporation , Bharat petroleum और Hindustan petroleum जैसी सरकारी तेल कंपनियां बेचती हैं। ये सिलेंडर सरकार द्वारा तय की गई रेगुलेटेड कीमतों पर मिलते हैं। यानी, इनकी कीमतें बाजार से तय नहीं होतीं, बल्कि सरकार इन्हें कंट्रोल करती है

लेकिन इनकी इंटरनेशनल मार्केट में लंबे समय से LPG की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। जिस कारण तेल कंपनियों को भारी नुकसान हुआ। उन्हें महंगे दामों पर LPG खरीदना पड़ा, लेकिन सस्ते दामों पर बेचना पड़ा। इस नुकसान को अंडर-रिकवरी कहते हैं, यानी वो रकम जो कंपनियों को बिक्री से नहीं मिल पाई !

सरकार के 30 हजार करोड़ कंपनियों को

गैस सिलेंडर को सब्सिडी में बेचने से कंपनियों को बेहद नुकसान हो पहुंचा है जिसकी भरपाई करने के लिए सरकार को 30 हजार करोड़ देना पड़ेगा यह राशि कंपनियों को 12 किस्तों में दी जाएगी

फिर भी नहीं रुकी योजना की रफ्तार

आर्थिक दबाव के बावजूद, सरकार इस योजना को बंद करने के पक्ष में नहीं है। इस योजना को कैबिनेट बैठक में साल 2025 – 26 सब्सिडी के लिए 12 हजार करोड़ मंजूर किए गए हैं जिससे इसकी कीमत है वही की वही रहेगी

प्रमुख शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत / LPG Gas Price

  • दिल्ली / Delhi – ₹853
  • जयपुर / Jaipur – ₹856.5
  • रायपुर / Raipur – ₹924
  • पटना / Patna – ₹951
  • कोलकाता / Kolkata – ₹879
  • भोपाल / Bhopal – ₹858.50
  • मुंबई / Mumbai – ₹852.50
  • चेन्नई / Chennai – ₹ 868.50

आएंगे Fasal Bima Yojana के तहत किसानों के खातों में 3200 करोड़ रुपये

11 अगस्त को फसल बीमा योजना के तहत उन किसानों के जिनकी फसल बाढ़ सूखे के कारण नष्ट हो जाती थी उन किसानों के खाते में 3200 करोड रुपए की राशि डिजिटल माध्यम के जरिए ट्रांसफर की है दरअसल कुछ समय पहले संसद सत्र के दौरान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के हित में कहा था कि 2025 सत्र से राज्य सरकार एवं बीमा कंपनियां प्रधानमंत्री फसल बीमा सब्सिडी में देरी करेंगे तो उन पर 12 प्रतिशत का जुर्माना लगाया जाएगा जो सीधा किसानों के खाते में पहुंचा दिया जाएगा

आज राजस्थान की झुंझुनू क्षेत्र में कृषि कार्यक्रम हुआ उसमें केंद्रीय के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा , केंद्र के कृषि राज्य मंत्री भागीरथ राज्य के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा उपस्थित रहे जहां उन्होंने सिंगल क्लिक से 30 लाख किसानों के खाते में 3200 करोड़ की राशि संचालित की !

किस राज्य को कितना भुगतान

मंत्रालय अधिकारियों के बयान अनुसार बताया गया है फसल बीमा योजना के तहत मध्य प्रदेश दवा राशि 1156 करोड़ रूपया है
वही राजस्थान को 1121 करोड़ रूपया और छत्तीसगढ़ को 150 करोड रुपए की राशि आवंटित की गई है
और 773 करोड़ रूपया अन्य राज्यों को स्वीकृत किए गए हैं

PMFBY के अगर ना आए पैसा तो

अगर आपके खाते फसल बीमा का में पैसा नहीं आता है तो चिंता न करें। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक यह पहली किस्त है इसके बाद वह दूसरी किस्त भी संचालित करेंगे जिन किसानों के खाते में आज पैसे नहीं आएंगे, उनके खातों में लगभग 8000 करोड़ रुपये की राशि बाद में जारी की जाएगी अभी सिर्फ पीएम फसल बीमा योजना के बीमा क्लेम की पहली किस्त जारी की गई हैं। 30 लाख किसानों के खाते में करीब 3200 करोड़ रुपये पहुंचे हैं शिवराज सिंह चौहान ने योजना के तहत कहा है कि
ये योजना आपदा पीड़ित किसानों के लिए वरदान बन गई है। किसानों को पैसा समय पर मिले, इसके लिए हमने तय किया है कि अगर बीमा कंपनी क्लेम के बाद निर्धारित समय-सीमा में पैसा जमा नहीं करती, तो उसे 12 प्रतिशत ब्याज देना पड़ेगा जो सीधे किसान के खाते में जाएगा।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कब शुरू हुई और क्या है इसके उद्देश्य

राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना पहले से ही देश में लागू थी उसके स्थान पर 18 फरवरी 2016 को प्रधानमंत्री फसल योजना की शुरुआत की गई इस से अभीतक 1.83 लाख करोड़ किसानों को भुगतान हो चुका है ! योजना के उद्देश्य अधिक बारिश एवं सुख में किसानों को न जाने कितनी आपदाओं का सामना करना पड़ता है एवं उनके फासले भी नष्ट हो जाती है इस योजना की तहत उन्हें सुरक्षा दृष्टि से उचित फसल मुआवजा प्राप्त होता है

प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना का टोल फ्री नंबर 14447

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या या सवाल पर आप पीएम फसल बीमा योजना के टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना का टोल फ्री नंबर 14447 है।