मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना बिहार के युवाओं को मिलेंगे 24 हजार ‘ नीतीश कुमार ने किया ऐलान

बिहार में चुनावी माहौल बेहद तेजी से गम है वहां पर लगातार हर राजनीतिक पार्टी प्रचार प्रसार मैं लगी हुई है लेकिन इन सबके बीच बिहार के युवाओं को तोहफा दिया गया है जहां उन्हें हर महीने 1000 रुपया देने ऐलान किया है दरअसल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने युवाओं के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार ने पहले से संचालित मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया है पहले जहां यह योजना सिर्फ 12वीं पास बेरोजगार युवक-युवतियों तक सीमित थी, अब इसे कला, विज्ञान और वाणिज्य से ग्रेजुएट पास बेरोजगार युवाओं तक बढ़ा दिया गया है इस योजना का लाभ दो वर्षों तक दिया जाएगा जिसमें युवाओं को करीब 24 हजार रुपए प्राप्त होंगे !

नीतीश कुमार ने क्या कहा

मुख्यमंत्री ने X पर लिखते हुए कहा कि 20 से 25 आयु वर्ग के वैसे युवक और युवतियां जो उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं, लेकिन वर्तमान में कहीं पढ़ाई नहीं कर रहे, किसी प्रकार की नौकरी या स्वरोजगार में नहीं हैं, और रोजगार की तलाश में प्रयासरत हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा। योजना के तहत योग्य युवाओं को प्रति माह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता अधिकतम दो वर्षों तक दी जाएगी !

नीतीश कुमार का कहना था कि “ सरकार की कोशिश है कि राज्य के युवा सिर्फ डिग्री लेकर बेरोजगारी के बोझ तले न रहें, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए सहयोग मिले। यह राशि कोई स्थायी समाधान नहीं है, बल्कि एक साधन है जिससे वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें, आवश्यक प्रशिक्षण ले सकें और अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकें।”

योजना से क्या होगा फायदा

बिहार में बड़ी बेरोजगारी संख्या में युवा ग्रेजुएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद भी नौकरी की तलाश में संघर्ष करते हैं। ऐसे में सरकार का द्वारा ₹1000 मासिक की सहायता से युवा अपने कोचिंग, परीक्षा फार्म और अन्य छोटे-छोटे खर्च पूरे कर पाएंगे !

अधिकतम दो वर्षों तक मिलने वाली यह मदद उन्हें प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते समय थोड़ी मदद करेगी जिससे उनका आर्थिक बोझ हल्का होगा वही ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए यह योजना का भी बेहद महत्व रहेगा

योजना का सीधा उद्देश्य है कि युवा केवल रोजगार खोजने वाले न रहकर, अपने कौशल विकास और प्रशिक्षण के जरिए रोजगारोन्मुखी और आत्मनिर्भर बनें।

मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना आवेदन की प्रक्रिया

बिहार के युवा , युवतियां मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के आवेदन इस प्रकार कर सकते हैं आवेदन के बाद योजना के तहत बेरोजगार युवा युवतियां को नौकरी खोजने के दौरान 1000 रुपये प्रति माह दो साल तक दिए जाएंगे जो पूरी राशि मिलकर 24000 होगी

  • सबसे पहले मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://www.7nishchay-yuvaupmission.bihar.gov.in/ पर जाएँ
  • वेबसाइट पर “नए पंजीकरण” (New Registration) विकल्प पर क्लिक करें.
  • विवरण भरें जहाँ अपना नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करें.
  • दर्ज किए गए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करके खुद को सत्यापित करें.
  • सफल पंजीकरण के बाद, आपको उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड ईमेल और एसएमएस के माध्यम से भेजा जाएगा. इनका उपयोग करके वेबसाइट पर लॉगिन करें
  • लॉगिन करने के बाद, व्यक्तिगत जानकारी पृष्ठ पर सभी आवश्यक विवरण भरें.
  • इसके बाद आप उस योजना का चयन कर सकते हैं जिसके लिए आप आवेदन करना चाहते हैं, यानि “मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना”
  • फॉर्म में आवश्यक विवरण भरें और घोषणा पर हस्ताक्षर करें और फिर सबमिट करें. 

इस प्रकार आपका आवेदन पूर्ण हो जाएगा और कुछ समय बाद यह राशि आपके खाते में आना चालू हो जाएगी

मध्यप्रदेश पुलिस में 7500 पदों पर भर्ती, आवेदन शुरू , 30 अक्टूबर से होगी परीक्षा

मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका है । दरअसल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने युवाओं के लिए बड़ी घोषणा की थीं जिसके बाद मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने पुलिस विभाग में 7500 पदों पर भर्ती की घोषणा कर दी है। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए हैं जिनको esb.mp.gov.in पर जाकर भर सकते हैं । आवेदन फॉर्म भरने के बाद यदि किसी उम्मीदवार से गलती हो जाती है तो वह 4 अक्टूबर 2025 तक उसमें सुधार भी कर सकता है ! आई आपको उसके बारे में विस्तार से बताते हैं

आवेदन की प्रक्रिया

ऑनलाइन आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले MPESB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां रजिस्ट्रेशन करके आवेदन फॉर्म भरना होगा। आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। फीस का भुगतान करने के बाद आवेदन सब्मिट करें और उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखें।

आवेदन शुल्क और वेतन

इस भर्ती के लिए आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग के लिए ₹500 और एससी, एसटी व ओबीसी वर्ग के लिए ₹250 रखा गया है। वहीं, चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह ₹19,500 से लेकर ₹62,000 तक का वेतनमान मिलेगा।

परीक्षा और शेड्यूल

इस भर्ती की लिखित परीक्षा का आयोजन 30 अक्टूबर 2025 से होगा। परीक्षा दो शिफ्ट में ली जाएगी। पहली शिफ्ट सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 से शाम 4:30 बजे तक रहेगी। उम्मीदवारों को अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी परीक्षा केंद्र का चुनाव करना होगा। परीक्षा जिन शहरों में होगी, उनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रीवा, रतलाम, सागर, सतना, सीधी और उज्जैन शामिल हैं।

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन तीन चरणों से होकर गुजरेगा। पहले लिखित परीक्षा, उसके बाद फिजिकल टेस्ट, और अंत में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन। इन तीनों चरणों में सफल होने के बाद ही उम्मीदवार को अंतिम नियुक्ति मिलेगी।

योग्यता और आयु सीमा

योग्यता की बात करें तो अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास, जबकि अनारक्षित, ओबीसी और एससी उम्मीदवारों के लिए 10वीं पास होना जरूरी है। आयु सीमा न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 33 वर्ष तय की गई है। हालांकि, आरक्षित वर्गों को नियमों के अनुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट भी मिलेगी।

पदों का बंटवारा

भर्ती में सभी वर्गों के लिए अलग-अलग पद आरक्षित किए गए हैं। इनमें जनरल कैटेगरी के लिए 2025 पद, ईडब्ल्यूएस के लिए 750 पद, ओबीसी के लिए 2025 पद, एससी के लिए 1200 पद और एसटी के लिए 1500 पद शामिल हैं।

आधार अपडेट करना अब जरूरी, सरकारी कार्यों से हो जाओगे वंचित आधार भी होगा डी-एक्टिवेट

यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने साफ किया है कि अगर आपके बच्चे की उम्र 5 साल हो चुकी है, तो अब उसका आधार कार्ड अपडेट कराना बेहद जरूरी हो गया है 5 से 15 साल की उम्र पर बच्चों का बायोमेट्रिक डिटेल्स अपडेट करवाना जरूरी है। इसमें बच्चे के उंगलियों के निशान, आंखों की स्कैनिंग और फोटो दोबारा लिए जाएंगे ।

UIDAI की गाइडलाइन जारी की थी जिसके अनुसार, यदि 7 साल की उम्र तक यह बच्चों का आधार कार्ड अपडेट नहीं कराया गया, तो आपके बच्चे का आधार नंबर अस्थायी रूप से डी-एक्टिवेट हो सकता है। डी-एक्टिव आधार का मतलब है कि बच्चा सरकारी योजनाओं और स्कूल एडमिशन जैसे जरूरी कामों में आधार का उपयोग नहीं कर पाएगा जिस कारण उन्हें बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

क्यों जरूरी है आधार अपडेट?

आज के समय में आधार केवल पहचान पत्र ही नहीं, बल्कि हर सरकारी सुविधा और योजना की रीढ़ बन चुका है। सरकार ने अपनी योजनाओं का लाभ देने के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता को प्राथमिकता दी है। स्कूलों में एडमिशन, यूनिफॉर्म, छात्रवृत्ति, साइकिल, पुस्तक, स्कूल किट जैसी कई योजनाओं का लाभ सरकार से मिल रहा है। इन सभी चीजों में सरकार द्वारा आधार कार्ड और बैंक खाता अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं इससे कितने बच्चे सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत हैं। इसकी जानकारी भी आधार से जुड़ जाने से सरकार को मिल जाएगी। और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) जैसी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार का सक्रिय होना जरूरी है।अगर बच्चे का आधार समय पर अपडेट नहीं हुआ तो UIDAI इसे डी-एक्टिवेट कर सकता है। ऐसे में बच्चे को सरकारी और शैक्षणिक योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। यही वजह है कि आधार अपडेट को लेकर सख्ती बरती जा रही है।

कहां और कैसे कराएं अपडेट?

बायोमेट्रिक अपडेट कराने के लिए माता-पिता को अपने नजदीकी आधार सेवा केंद्र या अधिकृत एनरोलमेंट सेंटर पर जाना होगा। इसके लिए बच्चे का आधार कार्ड और माता-पिता में से किसी एक का पहचान पत्र साथ ले जाना जरूरी है। अपडेट प्रक्रिया बेहद आसान है। बच्चे के नए बायोमेट्रिक डेटा और फोटो लिए जाएंगे और कुछ ही दिनों में आधार में बदलाव दर्ज हो जाएगा।

किस उम्र में करना होगा आधार अपडेट?

UIDAI ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड का बायोमेट्रिक अपडेट बच्चों के लिए दो चरणों में होता है।

  • 5 साल की उम्र पर : पहली बार बायोमेट्रिक अपडेट करना अनिवार्य है। इसमें फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और फोटो दोबारा लिए जाएंगे। यह अपडेट पूरी तरह मुफ्त है।
  • 15 साल की उम्र पर : दूसरी बार बायोमेट्रिक अपडेट करना होता है। यह भी निशुल्क है।
  • 7 साल के बाद देर से अपडेट : यदि 5 से 7 साल के बीच अपडेट नहीं कराया गया और बाद में कराया, तो इसके लिए ₹100 का शुल्क लगेगा।

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी सब्जी विस्तार योजना के तहत खुलेंगे सब्जी मार्ट

मोहन सरकार किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आई है जिसमें सब्जी विस्तार योजना तहत सब्जी उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का सपना है। दरअसल मध्यप्रदेश राज्य सरकार की मंशा है कि प्रदेश को सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्य बनाया जाए। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पंचायत, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग ने राज्य की 100 बड़ी पंचायतों में ‘सब्जी मार्ट’ खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। यह पहल न केवल किसानों को सीधा बाजार उपलब्ध कराएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी !

बिना अतिरिक्त फंड के शुरुआत

गौर करने वाली बात यह है कि इस योजना के लिए फिलहाल कोई अतिरिक्त बजट आवंटित नहीं किया गया है। ‘सब्जी मार्ट’ के लिए पंचायत भवन या पंचायत क्षेत्र में ही एक स्थान निर्धारित किया जाएगा, जहां किसानों को अपनी उपज बेचने की अनुमति दी जाएगी। उदाहरण के तौर पर, सीहोर जिले की बीरपुर पंचायत में पहले से ही लगने वाला हाट-बाजार अब एक निश्चित स्थान पर स्थायी रूप से शिफ्ट किया जाएगा, जिससे व्यवस्थाएं और सुविधाएं बेहतर होंगी।

स्थानीय किसान और बाजार

इस योजना के तहत सब्जी उत्पादन करने वाले किसानों को अब अपनी उपज बेचने के लिए दूर-दराज मंडियों में नहीं जाना पड़ेगा। वे अपनी ही पंचायत क्षेत्र में खुले ‘सब्जी मार्ट’ में सीधे उपभोक्ताओं को सब्जी बेच सकेंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।पंचायत विभाग ने प्रयोग के तौर पर जिन 100 बड़ी पंचायतों को चुना है, उनमें नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, देवास, हरदा, खंडवा, खरगोन और नरसिंहपुर जिले शामिल हैं। इन जिलों में अब तक लगभग 5000 सब्जी उत्पादक किसानों की सूची तैयार की जा चुकी है

सब्जी विस्तार योजना’ को मिलेगा विस्तार

मध्यप्रदेश में पहले से ही ‘सब्जी विस्तार योजना’ के तहत किसानों को सब्जी उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस योजना में किसानों को भिंडी, गिलकी, लौकी, टमाटर, कद्दू, ककड़ी जैसी फसलों के लिए 50 प्रतिशत तक अनुदान या अधिकतम ₹10,000 की सहायता दी जाएगी अब इस योजना को और व्यापक बनाने की तैयारी है।

सरकार के अनुसार – अब इस योजना में दो नए आयाम जोड़े जाएंगे — पहला, सब्जी फसलों की संख्या में इजाफा किया जाएगा, और दूसरा, किसानों को उपज बेचने के लिए स्थायी बाजार (सब्जी मार्ट) उपलब्ध कराया जाएगा। पहले जहां पात्रता सामान्य, अनुसूचित जाति, जनजाति एवं बीपीएल किसानों पर आधारित थी, वहीं अब जमीन के आधार पर किसानों का चयन किया जाएगा।

जैविक खेती को भी मिलेगा बढ़ावा

नई योजना के तहत जैविक तरीके से सब्जी उगाने वाले किसानों को विशेष अनुदान देने का भी प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि रसायन-मुक्त सब्जियों की खेती को बढ़ावा देकर उपभोक्ताओं को स्वस्थ और सुरक्षित विकल्प प्रदान किया जा सके।इसके अलावा, इन सब्जी मार्ट से थोक व्यापारी सब्जियां खरीदकर नजदीकी बड़े शहरों तक पहुंचा सकेंगे। इसके लिए एक सुव्यवस्थित नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे किसानों की पहुंच बड़े बाजारों तक भी हो सकेगी।

उत्पादन में दम है, पर टॉप पर नहीं

हालांकि मध्यप्रदेश की उपज गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता में किसी से कम नहीं है, फिर भी राष्ट्रीय स्तर पर राज्य अभी पहले स्थान पर नहीं है। उद्यानिकी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश प्याज, फूलगोभी, ककड़ी, मिर्च और मटर के उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है। वहीं, पत्तागोभी और कहू में तीसरे स्थान और भिंडी व लौकी में चौथे स्थान पर है। सरकार की यह नई पहल प्रदेश को सब्जी उत्पादन में पहले पायदान पर लाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

‘सब्जी मार्ट’ जैसी पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मददगार होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को ताजी, स्थानीय और जैविक सब्जियां भी सुलभ होंगी। यदि यह योजना सफल रहती है, तो इसे प्रदेश के अन्य पंचायतों में भी लागू किया जा सकता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल राज्य को सब्जी उत्पादन में अग्रणी बनाने की दिशा में एक ठोस और व्यावहारिक कदम है।

1.5 लाख से ज्यादा मध्यप्रदेश के शिक्षक होंगे लाभांवित मिलेगा तोहफा

मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के शिक्षकों को एक बड़ी खुशखबरी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान ऐलान किया कि प्रदेश के शिक्षकों को अब चौथा क्रमोन्नति वेतनमान मिलेगा।

इस घोषणा से प्रदेश के करीब 1.5 लाख शिक्षक सीधे तौर पर लाभांवित होंगे। ये वे शिक्षक हैं जिन्होंने 35 साल की सेवा पूरी कर ली है, लेकिन अब तक पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया था।

मुख्यमंत्री ने कहा, “इस फैसले से सरकार पर भले ही 117 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ आएगा, लेकिन हमें इस पर कोई अफसोस नहीं है। यह हमारे लिए संतोष और गर्व की बात है कि हम अपने शिक्षकों को उनका हक दे पा रहे हैं।”

सरकारी स्कूलों की चमक बढ़ी

समारोह के दौरान सीएम मोहन यादव ने सरकारी स्कूलों और शिक्षकों की तारीफ करते हुए कहा कि आज मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षक CBSE और ICSE जैसे राष्ट्रीय बोर्ड्स को भी टक्कर दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों के बच्चों ने हाल के वर्षों में कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जो इस मेहनत का नतीजा है।

शिक्षकों की लंबे समय से थी ये मांग

अब तक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को चौथा वेतनमान मिलता रहा है, लेकिन शिक्षक इससे वंचित थे। कई सालों से इसकी मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस फैसले को जल्द ही कैबिनेट में प्रस्तावित कर लागू किया जाएगा, ताकि योग्य शिक्षकों को समय पर इसका लाभ मिल सके।

मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने कहा

समारोह में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि एक संदेश है कि अगर कोई शिक्षक पूरी लगन से काम करे, तो वह हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को रोशन कर सकता है। उन्होंने कहा, “हमारे शिक्षक ही वो नींव हैं, जिन पर प्रदेश का भविष्य खड़ा है। यह चयन बाकी शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।”

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से पढ़ेंगे बड़े स्कूलों में मजदूर परिवार के बच्चे

देश में छत्तीसगढ़ ऐसा पहला राज्य है, जिसने शिक्षा के लिए एक नई इबारत लिखी है जहां अटल उत्कृष्ट योजना से मजदूर परिवार के होशियार बच्चों को बड़े नामी स्कूलों में पढ़ाया जाएगा।

राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की पहल पर शुरू की गई “अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना” ने उन परिवारों में नई उम्मीद जगाई है, जो अब तक आर्थिक तंगी के कारण बच्चों को बड़े स्कूलों में दाखिला दिलाने का सपना भी नहीं देख पाते थे।इस योजना के तहत प्रदेश भर से चुनिंदा 100 बच्चों का 14 बड़े नामी निजी स्कूलों में दाखिला कराया जाएगा कराया गया है। खास बात यह है कि बच्चों के 6वीं कक्षा से लेकर 12वीं तक की पूरी पढ़ाई का खर्च श्रम विभाग खुद उठाएगा। विभाग ने जानकारी दी है कि फिलहाल इस पहल पर सालाना करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना आवेदन प्रक्रिया

2025 में पहली बार छत्तीसगढ़ में लागू की गई इस योजना के लिए आवेदन

  • सिर्फ छत्तीसगढ़ प्रदेश के जिला श्रम कार्यालयों से भरे जाएंगे
  • नियमों के मुताबिक केवल मजदूरों के पहले दो बच्चों को ही योजना का लाभ मिल सकता है
  • आवेदन के साथ अभ्यर्थियों को मजदूर कार्ड और 5वीं कक्षा की मार्कशीट जमा करनी होगी
  • इसके बाद प्रत्येक जिले में मेरिट लिस्ट तैयार होगी
  • अंत में राज्य स्तरीय समिति ने 100 बच्चों का चयन किया जाया करेगा

योजना के तहत किसी एक स्कूल में अधिकतम सात बच्चों को ही प्रवेश दिया गया है, ताकि सभी जिलों से योग्य बच्चों को समान अवसर मिल सके। इस बार कुल 800 से अधिक आवेदन आए थे, जिनमें से मेरिट के आधार पर चयन किया गया। श्रम विभाग का कहना है कि आने वाले सालों में सीटों की संख्या और बढ़ाने का प्रयास होगा।

शिक्षा का नया माहौल

श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि अगर समाज में वास्तविक परिवर्तन लाना है तो अगली पीढ़ी को नई पृष्ठभूमि और वातावरण से जोड़ना जरूरी है। मजदूर परिवारों के बच्चे अब उन स्कूलों में पढ़ पाएंगे जहां पहले आर्थिक कारणों से दाखिला लेना संभव नहीं था। सरकार का मानना है कि अच्छे माहौल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ये बच्चे अपने परिवार की पीढ़ियों को बदल सकेंगे।योजना के तहत हर बच्चे पर सालाना लगभग 2 लाख रुपये खर्च होंगे। यह रकम फीस, किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य जरूरी शैक्षणिक जरूरतों पर खर्च की जाएगी। इसका पूरा जिम्मा छग भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल और श्रम विभाग ने उठाया है।

छत्तीसगढ़ (RTE) से अलग है योजना

गौर करने वाली बात यह है कि यह योजना शिक्षा के अधिकार (RTE) से बिल्कुल अलग है। आरटीई में किसी भी बीपीएल परिवार के बच्चे को निजी स्कूलों में प्रवेश का अधिकार मिलता है, लेकिन “अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना” में केवल मजदूरों के बच्चे ही पात्र होंगे। यानी इस बार सीधा फायदा उन्हीं परिवारों को मिलेगा जो ईंट-भट्टों, निर्माण कार्यों और अन्य श्रमिक क्षेत्र से जुड़े हैं।

यह पहल उन मजदूर परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जो अब तक अपने बच्चों को नामी स्कूलों के बाहर से ही देखते रह जाते थे। अब उनके बच्चे भी वही किताबें पढ़ेंगे, वही कक्षाएं जॉइन करेंगे और वही माहौल पाएंगे, जो आमतौर पर आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों के बच्चों को मिलता है।

जनधन योजना बैंक के खातों का करवा KYC ‘नहीं होगा नुकसान

2014 में शुरू हुई जन धन योजना को 28 अगस्त पर 11 साल पूरे हो चुके हैं लेकिन अगर आपका खाता इस योजना के तहत आता है तो अभी जाकर KYC यानी आधार कार्ड से खाता लिंक करवा ले क्यों कि आपका खाता बंद हो सकता है इस योजना का मकसद भारत में उस वर्ग तक जाने की थी जो आर्थिक रूप से मजबूत नहीं है चाहे वह गांव से जुड़े हुए लोग हैं या फिर आर्थिक स्थिति में काम या मजदूर वर्ग हो इन सभी लोगों को इस योजना के तहत बैंक से जुड़कर अपना जीरो बैंक खाता खुलवा सकते है यानी आपके पास ₹1 भी ना हो फिर भी आपका खाता बैंक में खुल जाता है

इस योजना के तहत अभी तक 56.16 करोड़ बैंकों का खाता भारत में खोले गए हैं जिसमें सबसे ज्यादा जन धन योजना के तहत हिस्सेदारी महिलाओं की रही है

क्या है फायदा

जन धन योजना के तहत कई उपलब्धियां लोग को प्राप्त होती हैं जिनके खाते इस योजना में खोले गए हैं

  • बिना पैसे जमा किए बैंक खाता खोल सकते हो
  • खाते के साथ मुफ्त में रुपे कार्ड मिलता है, जिससे तुम ATM से पैसे निकाल सकते हो या दुकानों पर पेमेंट कर सकते हो।
  • खाताधारक को जारी किए गए रुपे कार्ड के साथ 2 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा कवर मिलता है।
  • इस खाते पर 10,000 रुपए तक का ओवरड्राफ्ट (उधार) ले सकते हैं।
  • सरकार की सब्सिडी, जैसे गैस सब्सिडी या दूसरी योजनाओं के पैसे, सीधे तुम्हारे खाते में आते हैं।
  • बचत पर ब्याज भी मिलता है, जैसा कि आम तौर पर बैंक खातों में मिलता है।

KYG ना करवाने से क्या है नुकसान

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा एक कार्यक्रम में सम्मिलित हुए जहां उन्होंने खाताधारकों को जागरूक करते हुए कहा कि जनधन योजना के तहत जो बैंक खाता खोले गए हैं सुरक्षा के साथ ही नियमों के आधार पर उनकी केवाईसी अपडेट करना आवश्यक है क्योंकि बिना केवाईसी के खाते अमान्य हो जाएंगे फिर इस योजना से मिलने वाले लाभ भी रोक लग जाएगी

और उन्होनें कहा इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न तरह के बैंक के द्वारा शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पहले लोग बैंकों तक आते थे, लेकिन अब बैंक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

कैसे खोलें खाता

जन धन योजना के तहत खाता खुलवाने के लिए आप किसी भी नजदीकी बैंक से संपर्क कर सकते हैं वह आपसे एक फॉर्म भरवाएंगे जिसमें आपको आपकी पूर्ण जानकारी का विवरण करना पड़ेगा वही आप इसको ऑनलाइन भी अपना खाता खुलवा सकते हैं

  • आधार कार्ड की फोटोकॉपी अगर आधार नहीं है, तो वोटर ID, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या कोई और सरकारी ID चलेगा।
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  • आपका सही पता आधार कार्ड पर लिखा होगा तो वही काफी है। नहीं तो बिजली बिल, राशन कार्ड या ऐसा कुछ और दे सकते हो।

यह सारे कागजों को लेकर आप किसी भी नजदीकी बैंक से संपर्क कर सकते हैं या फिर किसी भी ऑनलाइन की दुकान से भी संपर्क कर सकते हैं जहां आपका खाता तो खोल ही दिया जाएगा उसके साथ-साथ आप वहां पर kYC भी करवा सकते हैं

सरकार का वह नंबर जिससे किसानों की समस्या होगी हाल

देश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में किसानों के हित में एक अहम कदम उठाते हुए पहले से संचालित किसान कॉल सेंटर हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1551 को और अधिक प्रभावी बनाने की घोषणा की है। इस टोल-फ्री नंबर का उद्देश्य किसानों की समस्याओं का तुरंत समाधान करना और उन्हें सही मार्गदर्शन देना है।

आपको बता दे की कई व्यापारी द्वारा नकली बीज खाद एवं कीटनाशक बेचने से किसानों की फसलें जड़ से ही नष्ट हो रही है इसके कारण किसानों को बेहद नुकसान उठाना पड़ रहा है ! एक आयोजित कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार नकली बीज, खाद और कीटनाशक बेचने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि अगर उन्हें कहीं भी ऐसी शिकायत मिले तो तुरंत इस हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1551 पर कॉल कर इसकी सूचना दें।चौहान ने चेतावनी भरे लहजे में कहा,“बेईमानों को मैं किसी भी हालत में छोड़ूंगा नहीं। किसान भाइयों को अब लुटने नहीं दिया जाएगा।”इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि बीज और खाद बनाने वाली कंपनियां अगर किसानों के साथ धोखा करती है तो उनके सरकार द्वारा लाइसेंस पर रोक लगा दी जाएगी, ताकि किसानों को केवल प्रमाणित और गुणवत्ता युक्त इनपुट्स ही मिलें।

दरअसल भारत की आधी से ज्यादा आबादी आज भी कृषि पर निर्भर है। ऐसे में नकली बीज, उर्वरक और कीटनाशक किसानों की मेहनत पर पानी फेर देते हैं। शिवराज सिंह चौहान का यह कदम न केवल किसानों को सुरक्षित करेगा, बल्कि उन्हें यह भरोसा भी देगा कि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

किसानों के लिए भरोसेमंद हेल्पलाइन

किसान कॉल सेंटर (Kisan Call Centre) की शुरुआत भारत सरकार ने वर्ष 2004 में की थी। इसका मकसद था कि देशभर के किसान अपने गांव से ही फोन के माध्यम से कृषि से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त कर सकें। इस हेल्पलाइन की खासियत यह है कि किसान सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक किसी भी समय कॉल कर सकते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि यह सेवा 22 स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे किसान अपनी मातृभाषा में समस्या बता सकें और समाधान प्राप्त कर सकें। यदि सवाल जटिल होता है, तो किसान को सीधे विशेषज्ञ वैज्ञानिकों और ICAR के Subject Matter Specialists से जोड़ दिया जाता है।

नंबर का उपयोग

  • बहुभाषी सेवा – 22 भाषाओं में जानकारी मिलती है
  • कृषि से जुड़ा हर समाधान – खेती, मौसम, पशुपालन, मंडी भाव, सरकारी योजनाएँ
  • विशेषज्ञों से सीधा संपर्क – गंभीर सवाल पर तुरंत विशेषज्ञ जोड़ दिए जाते हैं
  • समयबद्ध सहायता – सुबह 6 से रात 10 बजे तक सक्रिय सेवा।

हो रहा है फायदा

शिवराज सिंह चौहान के इस नंबर को फिर से प्रभावित करने के बाद किसानों की समस्या आना शुरू हो गई है और उन्हें हल करने के लिए भी चौहान कड़े निर्देश दे रहे हैं

कृषि कल्याण विभाग मंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यालय के x हैंडल पर पोस्ट करते हुए बताया कि

माननीय केंद्रीय मंत्री श्री @ChouhanShivraj जी ने आज नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के विभिन्न पोर्टल और कॉल सेंटर पर आने वाली किसानों की शिकायतों की समीक्षा की।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री जी ने किसानों की शिकायतों के सही निदान के तरीके और व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अधिकारियों से पी.एम. किसान पोर्टल, किसान ई-मित्र, किसान कॉल सेंटर सहित विभिन्न प्लेटफार्म के जरिए मिल रही किसानों की समस्याओं की पूरी जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में केंद्रीय मंत्री जी ने कहा कि किसानों की जो भी समस्याएं विभिन्न पोर्टल्स के माध्यम से प्राप्त हो रही हैं, उनका उचित निराकरण समय पर करने की व्यवस्था होना चाहिए।

युवाओं के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की बंपर भर्ती

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने युवाओं के लिए बड़ी घोषणा की है

15 अगस्त के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव राज्यस्तरीय पुलिस अलंकरण समारोह में सम्मिलित हुए इस अवसर पर पदक प्राप्त करें वाले अधिकारी और कर्मचारियों का सम्मान समारोह रखा गया था वही उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस के रिक्त पड़े पदों को भरने की घोषणा की

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा की मुझे ध्यान दिलाया गया की इस वर्ष हमने 7,500 रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति दी है और अभी पुलिस के करीब 22 हजार 500 पदों पर भर्ती होनी है इसलिए अब हम हर एक साल मे 7,500-7,500 पदों पर भर्ती कर तीन साल में पुलिस विभाग के सभी रिक्त पद भर दिए जाएंगे।

किया जाएगा पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जल्द से जल्द पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन के लिये पुलिस मुख्यालय को निर्देश दिए हैं रिक्त पद की भर्ती ( पुलिस भर्ती बोर्ड ) से की जाएगी. इस निर्देश से कर्मचारी चयन मंडल के कारण पुलिस मुख्यालय को भर्ती करने में आने वाली दिक्कत भी खत्म होगी

इसको सुरक्षा की दृष्टि से भी गठन किया जाएगा क्योंकि पुलिस भर्ती बोर्ड बनने से पुलिस की पूरी नजर रहेगी और सभी मापदंडों का पालन करने से भर्ती की जाएगी. बोर्ड के गठन से भर्ती में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होगी.

विशेष भत्ता की भी घोषणा

मुख्यमंत्री ने VIP मूवमेंट में लगे कर्मचारियों को छठवें वेतमान के तहत विशेष भत्ता और जोखिम भत्ता नहीं मिलने का जिक्र करते हुए कहा कि मैं घोषणा करता हूं कि कर्मचारियों को छठवे वेतमान का विशेष भत्ता और जोखिम भत्ता दिया जाए।

65 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों का सम्मान

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 65 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को पदक देकर सम्मानित किया गया

  • 12 पुलिस अधिकारियों को वीरता के लिए
  • 8 पुलिस अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए
  • 32 पुलिस अधिकारियों को सराहनीय सेवा के लिए
  • 5 जेल पुलिस अधिकारियों को सराहनीय सेवा के लिए
  • 8 अधिकारियों को नगर सेवा एवं नगर सुरक्षा के लिए

3.5 करोड़ युवाओं को मिलेगा रोजगार शुरू हुई PM Viksit Bharat Rozgar Yojana

आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश को संबोधित किया और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की ओर देश के युवाओं कि भविष्य की चिंता करते हुए रोजगार योजना PM Viksit Bharat Rozgar Yojana का शुभारंभ किया

क्या है Pm Viksit Bharat Rozgar Yojana ( प्रधानमंत्री विकसित भारत योजना )

प्रधानमंत्री ने बताया है कि इस योजना के लिए एक लाख करोड रुपए का प्रावधान किया गया है इससे लगभग 3.5 करोड़ युवाओं को मौका मिलेगा इसके तहत प्राइवेट सेक्टर में पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को ₹15 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी वही नई नौकरियां देने वाली कंपनियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा

यह योजना ऐसे समय में लाई गई है जब देश में युवाओं के बीच बेरोज़गारी एक गंभीर मुद्दा बनी हुई है, खासकर तब जब GDP तो बढ़ रही है, लेकिन नौकरियों की संख्या उतनी तेज़ी से नहीं बढ़ रही।

योजना का उद्देश्य

इस योजना का उद्देश्य युवाओं को औपचारिक क्षेत्र में नौकरी करने के लिए प्रोत्साहित करना है, साथ ही उन्हें Employees’ Provident Fund (EPF) जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना और कंपनियों को नए कर्मचारियों की भर्ती के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

यह स्कीम विशेष रूप से पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं और छोटे-बड़े उद्यमों को लाभ पहुंचाने के लिए तैयार की गई है।इसके तहत केंद्र सरकार ने ₹99,446 करोड़ का बजट निर्धारित किया है। योजना की समयावधि 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक होगी, जिसके दौरान सरकार का लक्ष्य है कि देशभर में लगभग 3.5 करोड़ नए रोजगार उत्पन्न किए जाएं।

युवाओं को क्या रहेगा फायदा

जो युवा पहली बार EPFO में पंजीकृत होकर नौकरी शुरु करेंगे और जिनकी मासिक सैलरी ₹1 लाख से कम होगी, उन्हें सरकार की ओर से ₹15,000 तक का एक मुश्त लाभ मिलेगा।

यह लाभ दो किश्तों में मिलेगा

  • पहली किश्तः 6 महीने की निरंतर सेवा के बाद दूसरी किश्तः 12 महीने की सेवा और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद
  • दूसरी किश्त का एक हिस्सा एक निश्चित बचत योजना में रखा जाएगा ताकि कर्मचारी के दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा को भी सुनिश्चित किया जा सके।

कंपनियों को कैसे रहेगा फायदा

कंपनियों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को नौकरी पर रखने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से सरकार ने नियोक्ताओं को हर नए कर्मचारी के लिए ₹3,000 प्रति माह तक का प्रोत्साहन देने का प्रावधान रखा है।

विशेष रूप से manufacturing sector / विनिर्माण क्षेत्र के नियोक्ताओं को यह प्रोत्साहन 4 साल तक मिलेगा, जबकि अन्य सेक्टर्स को यह सुविधा 2 साल तक ही दी जाएगी ये प्रोत्साहन उन्हें तभी मिलेगा जब नया कर्मचारी कम से कम 6 महीने तक लगातार नौकरी पर बना रहेगा।

नियुक्ति की शर्तें:

  • जिन फर्म में 50 से कम कर्मचारी हैं, उन्हें लगभग 2 नए लोगों की भर्ती करनी होगी।
  • और जिन फर्म में 50 या उससे ज़्यादा कर्मचारी हैं, उन्हें कम से कम 5 नए कर्मचारियों को नियुक्त करना होगा।

क्या है Employees’ Provident Fund Organisation

(EPFO) भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करने वाला एक सांविधिक निकाय है, जिसकी स्थापना 1952 में EPF & MP Act, 1952 के तहत की गई थी।

EPFO के तहत कर्मचारियों की सैलरी का एक निर्धारित हिस्सा, आमतौर पर 12%, उनके PF खाते में जमा किया जाता है, और उतना ही योगदान उनके नियोक्ता द्वारा भी किया जाता है।

इसके अलावा, EPFO द्वारा जारी किया गया Universal Account Number (UAN) कर्मचारियों को एक पोर्टेबल अकाउंट की सुविधा देता है, जिससे वे नौकरी बदलने के बावजूद अपने PF खाते को बनाए रख सकते हैं और उसका संचालन कर सकते हैं।

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प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को इस रोजगार योजना की घोषणा की है लेकिन इसके प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना आवेदन पत्र के लिए अभी कोई पोर्टल सार्वजनिक नहीं किया गया है जैसे ही कोई जानकारी प्राप्त होती है तो आप तक पहुंचा दी जाएगी