मध्य प्रदेश में 100 डायल की जगह 112 का शुभारंभ

मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश में अपराधों पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा परिवर्तन किया है जिसकी सुविधा 15 अगस्त के बाद प्रदेश के लोगों को नजर आएगी

उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब मध्य प्रदेश में भी पुलिस आपातकालीन सेवा ‘डायल 112 / Dial 112 की शुरुआत कर दी गई है। यह सेवा अब राज्य में पुराने ‘डायल 100’ की जगह लेगी और जनता को और अधिक तेज़, प्रभावी व तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगी।इस योजना की शुरुआत आज राजधानी भोपाल में Dr Mohan Yadav / मुख्यमंत्री मोहन यादव और पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना द्वारा की गई

डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया कि यह योजना पुलिस विभाग की अब तक की सबसे बड़ी पंचवर्षीय योजना है, जिसकी कुल लागत ₹972 करोड़ है।इस योजना के अंतर्गत पुलिस बल को 1200 नई गाड़ियां दी जाएंगी, जिनमें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस Scorpio N और Bolero Neo जैसे वाहन शामिल हैं।

मध्य प्रदेश की आम जनता के लिए केंद्रीकृत, राज्य-स्तरीय पुलिस आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली मदद पाने का सबसे लोकप्रिय नंबर ‘डायल 100’ अब इतिहास बनने जा रहा है। इसकी जगह अब प्रदेश में डायल 112 का उपयोग किया जाएगा।‘डायल 100’ नंबर का उपयोग अब तक पुलिस सहायता के लिए किया जाता था, लेकिन सरकार द्वारा शुरू की गई योजना के तहत अब नागरिकों को किसी भी प्रकार की आपात स्थिति – जैसे पुलिस, एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड – में केवल एक ही नंबर 112 डायल का उपयोग कर सकते हैं।यह नई व्यवस्था लोगों को तेजी से मदद दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई है, जिससे अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग-अलग नंबर याद रखने की जरूरत नहीं रहेगी। 112 नंबर पर कॉल करने से उपयुक्त सेवा तुरंत सक्रिय की जाएगी और संबंधित विभाग को सूचना भेज दी जाएगी।

डायल 100 की अब तक की प्रमुख उपलब्धियाँ:

  • 2 लाख 23 हजार बुजुर्गों को सहायता की
  • 19 लाख लाख 71 हजार महिलाओं की सुरक्षा की
  • 1300 नवजात शिशु की जिंदगी सुरक्षित की
  • 23 हजार गुमशुदा बच्चों को उनके परिवार से मिलवाया

डायल 112 में क्या रहेंगे सुविधा

  • GPS और वायरलेस सिस्टम से लैस रहेगी
  • डिजिटल नेविगेशन , लाइव लोकेशन , टेक्निकल डिवाइस रहेंगे
  • पुलिस की वर्दी में लगे होंगे कैमरे